सेमी कंडक्टर चिप की बढ़ी उपलब्धता, कम हुआ वेटिंग पीरियड
- साल की पहली तिमाही में 25 हजार वाहन हुए पंजीकृत, प्रोडक्शन बढ़ा
हर्ष मिश्रा
नोएडा। सेमीकंडक्टर चिप की कमी की वजह से वाहनों के पंजीकरण में आ रही परेशानी अब हल होने लगी है। इस वर्ष केवल तीन माह में ही 25 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हुए हैं। वहीं यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तिमाही में केवल 15 हजार था। इसका अहम कारण सेमी कंडक्टर चिप की उपलब्धता को बताया जा रहा है। इस कारण इस वर्ष वाहनों का अच्छा प्रोडक्शन हो रहा है और कई वाहनों का पंजीकरण का वेटिंग पीरियड भी घट गया है।
कुछ समय पहले तक वाहनों को खरीदने के लिए लोगों को दो- दो वर्षों का इंतजार करना पड़ रहा था। लेकिन अब यह घटकर कुछ माह की रह गया है। महिंद्रा कंपनी के जनरल मैनेजर संतोख कुमार ने बताया कि पहले के मुकाबले चार पहिया वाहनों का वेटिंग पीरियड चार से पांच माह कम हो गया है। वहीं वाहनों की डिमांड भी बढ़ी है। लेकिन इसके बाद भी तेज प्रोडक्शन होने की वजह से डिलीवरी देने में कोई समस्या भी नहीं आ रही है। वहीं टाटा कंपनी के जरनल मैनेजर विरेंद्र सिंह ने बताया कि ज्यादातर वेरिएंट पर पांच से छह माह की वेटिंग है जो कि पहले आठ से नौ माह के लिए हुआ करती थी।
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इन कारों पर कम हुआ वेटिंग पीरियड
कंपनी कार का नाम वेटिंग पीरियड इतना कम हुआ वेटिंग पीरियड
महिंद्रा एसयूवी 700 15 माह चार माह
किआ किआ कैरेंस 10 माह दो माह
मारुति एसयूवी ब्रेजा तीन से चार माह पांच माह
मारुति ग्रैंड विटारा पांच माह छह माह
टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर पांच माह दो माह
टाटा नेक्सन पांच माह तीन माह
मारुति अर्टिंगा सात माह चार माह
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क्यों जरूरी है सेमी कंडक्टर चिप
आजकल दुनिया में जितनी भी गाड़ियां बन रही हैं उन सभी के लिए पावर स्टेयरिंग, ब्रेक सेंसर, एंटरटेनमेंट सिस्टम, एयरबैग और पार्किंग कैमरों में सेमी कंडक्टर चिप का इस्तेमाल होता है। ये चिप कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पर आधारित होते है और आपकी गाड़ी के डेटा को भी प्रोसेस करते है। सेमी कंडक्टर चिप्स का इस्तेमाल न सिर्फ गाड़ियों में होता है बल्कि इसका इस्तेमाल हर उस चीज में होता है जो इंटरनेट से जुड़ी होती है, उदाहरण के लिए मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी आदि।