- दिल्ली पुलिस के सिपाही सहित चार गिरफ्तार, कारोबारी के घर छापा मारने पहुंचे थे
- रकम नहीं मिलने पर दी धमकी, एक अन्य कारोबारी से एक करोड़ रुपये ले चुके
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आयकर विभाग की सतर्कता विंग के एडीजी का निजी सचिव अपने दोस्तों के साथ उगाही का गिरोह चला रहा था। आरोपी आयकर विभाग की टीम बताकर कारोबारियों के घर छापा मारते थे। एक कारोबारी की शिकायत पर पुलिस टीम ने फर्जी छापामारी में शामिल दिल्ली पुलिस के एक सिपाही, मुख्य आरोपी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान एडीजी का निजी सचिव दीपक कश्यप, दिल्ली पुलिस का सिपाही कुलदीप, रविंदर व हिमांशु के रूप में हुई है। सिपाही कुलदीप दीपक कश्यप का दोस्त है। वहीं वारदात में शामिल तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने जनकपुरी के लिफ्ट कारोबारी कुलजीत सिंह के घर पर आयकर विभाग की टीम बताकर छापा मारा।नकदी नहीं मिलने पर आरोपी उन्हें धमकी देकर चले गए। इस पर कारोबारी ने अपने पड़ोस में रहने वाले दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की मदद से जनकपुरी थाने में शिकायत की।
कारोबारी कुलजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 1 अगस्त की सुबह जब वह कार्यालय जाने के लिए निकल रहे थे तो सात लोग उनके घर में घुस गए। एक ने दिल्ली पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। दूसरे ने आयकर विभाग का पहचान पत्र दिखाया और सभी घर में तलाशी लेने लगे। आरोपियों ने सुरक्षाकर्मी सहित सभी के फोन अपने कब्जे में ले लिए। उन लोगों ने कुछ प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त को लेकर भी पूछताछ की। मामले में जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आयकर विभाग ने छापेमारी नहीं की थी। मामला दर्ज जनकपुरी थाना प्रभारी अंतरिक्ष आलोक के नेतृत्व में टीम छानबीन में जुट गई
आयकर विभाग का मुखबिर है रविंदर:
कारोबारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में छापामारी में पुलिस की वर्दी में आए शख्स की पहचान उसकी कार के नंबर के जरिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात सिपाही कुलदीप के रूप में हुई। कुलदीप को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो उसने गिरोह के सरगना दीपक कश्यप, दीपक, रविंदर और हिमांशु का नाम उगल दिया। आरोपी रविंदर भी आयकर विभाग का मुखबिर है। वह आरोपियों को कारोबारियों की सूचना व नंबर मुहैया कराता था। वहीं हिमांशु ओला कैब चालक है। शुरुआती पूछताछ में यह भी पता चला है कि छह माह पहले आरोपियों ने यमुनापार के एक कारोबारी के घर पर छापेमारी कर उससे एक करोड़ रुपये की उगाही की थी।