ग्रेटर नोएडा। प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने खुशी जताई है। बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता संकाय के सहायक प्राध्यापक प्रो. अरविंद कुमार सिंह ने इसे भारत और वैश्विक बौद्ध समुदाय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। प्रो. सिंह ने बताया कि सारनाथ स्थित धमेख स्तूप, अशोक स्तंभ, सिंहस्तंभ और प्राचीन विहारों के अवशेष भारतीय इतिहास और बौद्ध सभ्यता की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। यूनेस्को की मान्यता से इन स्थलों के संरक्षण, शोध और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। ब्यूरो