पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में नि:शुल्क पुस्तक वितरण मेले में प्रतिभाग करते छात्र-छात्राएं। स्
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय व पं. ललित मोहन शर्मा परिसर की संयुक्त पहल पर तीन दिन का निशुल्क पुस्तक वितरण मेले का शुभारंभ किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें नैतिकता, संस्कार और सोचने की क्षमता का प्रमुख आधार हैं। बृहस्पतिवार को पुस्तक वितरण मेले का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत व उत्तराखंड मुक्त विवि के सहायक क्षेत्रीय निदेशक गोविंद रावत सिंह ने किया। प्रो. एमएस रावत ने कहा कि पुस्तक केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं है बल्कि वह चरित्र निर्माण और जीवन को दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपेक्षा की कि वह इस योजना का लाभ उठाएं एवं अपने ज्ञान के विस्तार के लिए प्रेरित हों। सहायक क्षेत्रीय निदेशक गोविंद सिंह रावत ने कहा कि आज के डिजिटल युग में पुस्तकों की महत्ता कम नहीं हुई है बल्कि और भी बढ़ गई है। पुस्तक मेला केवल एक आयोजन नहीं यह ज्ञान, कल्पना और रचनात्मकता का उत्सव है। आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकें नैतिकता, संस्कार और सोचने की क्षमता का प्रमुख आधार हैं। प्रत्येक पुस्तक हमें केवल सूचनाएं ही नहीं, बल्कि सोचने का नया दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की राह दिखाती है। इस अवसर पर डाॅ. एसके नौटियाल, प्रो. संगीता मिश्रा, प्रो. दिनेश शर्मा, एसपी सती, हेमलता मिश्रा, राकेश जोशी, धर्मेन्द्र तिवाड़ी, सीमा बेनीवाल आदि मौजूद रहे।