1108 एकड़ जमीन के विवाद में किसानों ने डीएम के समक्ष रखा पक्ष
- जिलाधिकारी ने सर्वे लेखपाल को मामले का निपटारे होने तक हटाने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। यमुना नदी के किनारे प्रदेश की 1108 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को हरियाणा और यूपी के किसानों ने जिलाधिकारी से मिलकर अपना पक्ष रखा। जिलाधिकारी ने दोनों पक्ष के किसानों की बात को सुनते हुए जल्द मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया। साथ ही सर्वे क्षेत्र में तैनात सर्वे लेखपाल को मामले के निपटारे तक हटाने के सर्वे अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। वहीं हरियाणा के किसानों ने दावा किया कि उनकी 1108 एकड़ जमीन दीक्षित अवार्ड के तहत यूपी में आई है इस जमीन का जमाबंदी के रिकार्ड के अनुसार यूपी की खतौनी में रिकार्ड दर्ज कराते हुए उन्हे उनकी जमीन का हक दिलाया जाना चाहिए।
यमुना नदी में आने वाली बाढ़ व उससे होने वाले कटाव और गहरी धारा के रास्ते बदलने के बाद यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच काफी समय से विवाद रहा है। 1984 में दीक्षित अवार्ड के तहत मामले को सुलझा दिया गया था। लेकिन एक बार फिर से 1108 एकड़ 5540 बीघा जमीन को लेकर हरियाणा के सोलड़ा व यूपी के फलैदा खादर के किसानों के बीच मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू हो गया है। यूपी के फलैदा बांगर के किसानों को कहना है कि हरियाणा से दीक्षित अवार्ड के तहत यूपी में मात्र सवा तीन एकड़ जमीन आई थी बाकी 1105 एकड़ जमीन पर फलैदा के किसानों के कृषि पट्टे आवंटित हुए थे जिन्हें काेर्ट से बहाल कर दिया गया है।
लेकिन सर्वे लेखपाल व रजिस्ट्री ऑफिस के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से हरियाणा के किसानों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से जमाबंदी को सत्यापित करते हुए जमीन का विक्रय कराया जा रहा है। वहीं हरियाणा के सोलड़ा के किसानों का कहना है कि दीक्षित अवार्ड में उनकी 1108 एकड़ जमीन यूपी को हस्तांतरित हुई थी जिसको लेकर उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय में वाद चला जहां से उनके पक्ष में फैसला आया सर्वे विभाग को हरियाणा में राजस्व रिकार्ड (जमाबंदी) के आधार पर सर्वे विभाग को इस भूमि का रिकार्ड ऑपरेशन किया जाना है। लेकिन अभी तक नही हो पाया है जिससे किसान अपनी जमीन का क्रय विक्रय नही कर पा रहे है।
जिलाधिकारी से मिले किसानों ने सर्वे लेखपाल पर आरोप लगाते हुए जमाबंदी के आधार पर बैनामे कराने के गंभीर आरोप लगाए थे। जिसको लेकर जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने सर्वे अधिकारी को विवादित जमीन के सर्वे लेखपाल को हटाने के निर्देष दिए है। - डाॅ. नितिन मदान, अपरजिलाधिकारी प्रशासन