‘रुपये चाहिए थे तो ले लेता, बच्ची को क्यों मार डाला’
दो वर्षीय मानसी का हत्या का मामला
-मकान के लिए जुटाए रुपये को जेब में लेकर घूम रहा था मानसी का पिता
- बच्ची को खोने का गम नहीं भुला पा रहे दंपती, अब कुछ दिन गांव में रहेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मासूम बच्ची मानसी की अपहरण के बाद हत्या का गम उसके माता-पिता भुला नहीं पा रहे हैं। मानसी के अपहरण के बाद से ही उनकी भूख प्यास उड़ गई है। पिता शिवकुमार का कहना है कि अगर आरोपी को रुपये चाहिए थे तो वह खुशी-खुशी दे देता, लेकिन उसने मेरी लाडो को क्यों मार डाला। वहीं, पुलिस ने बताया कि शिवकुमार को संदेह था कि उसकी बेटी का किसी ने अपहरण किया है और उसे फिरौती के पैसे देने के लिए वह रुपये लेकर घूम रहा था।
शिवकुमार ने बताया कि वह अपने गांव में मकान बनाने के लिए रुपये एकत्रित कर रहा था। उसने कुछ रुपये 12 साल नौकरी करने के बाद जोड़ा था, जबकि कुछ कंपनी से लोन पर लिया था, लेकिन उसने इसका किसी से जिक्र नहीं किया था। हालांकि राघवेंद्र को शिवकुमार के मकान बनाने के लिए रुपये एकत्रित करने की जानकारी थी। इसके चलते उसने अपहरण कर फिरौती मांगने की साजिश रची। शिवकुमार ने बताया कि अब सूरजपुर में मन नहीं लग रहा है। वह अब परिवार के साथ गांव जा रहा है।कुछ दिन गांव में रहने के बाद वह यहां वापस लौटेंगे। उन्होंने शव को सूरजपुर में ही दफना दिया था।
समय पर सूचना मिलती तो बच सकती थी जान
पुलिस का कहना है कि आरोपी का इरादा मानसी की हत्या करने का नहीं था। उसे पता चला था कि शिवकुमार गांव में मकान बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उसने रुपयों का भी इंतजाम किया है। शिवकुमार मानसी को बहुत प्यार करता था। राघवेंद्र को उम्मीद थी कि वह मानसी के लिए दो लाख रुपये आसानी से दे देगा। इस वजह साजिश रची। आरोपी ने अपहरण के चार घंटे बाद बच्ची की हत्या की दी। अगर पुलिस को तुरंत सूचना मिल जाती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
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आरोपी की पत्नी ने पहले किया था आगाह, अब कराई गिरफ्तारी
शिवकुमार ने बताया था कि राघवेंद्र ने कुछ दिन पहले अपनी पत्नी रोही को बारिश के दौरान पिटाई कर घर से निकाल दिया था। इससे पहले रोही ने ही शिवकुमार की पत्नी मंजू को आगाह किया था कि अपने बच्चों का ख्याल रखना कोई अगवा न कर ले। अब सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने गाजियाबाद जाने के बाद पत्नी को कॉल की थी। रोही की कॉल की मदद से ही आरोपी तक पुलिस पहुंच पाई। हालांकि सूरजपुर कोतवाली प्रभारी का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी मुखबिर की सूचना पर हुई है।
सूरजपुर में दो साल पहले भी हुई थी मासूम की अपहरण कर हत्या
गांव गुलिस्तानपुर में किराये पर रहने वाले ब्रहमजीत के साढ़े चार साल के बेटे रितिक की पड़ोस में रहने वाले कन्नौज निवासी विजय ने फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने हत्या के बाद भी पीड़ित को फिरौती की कॉल की थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाने के दौरान आरोपी फरार हो गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था। रितिक के माता-पिता आज भी बेटे की मौत का गम नहीं भुला पाए हैं।