सुरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आरम्भ में ही गुरु शिष्य परंपरा से सनातन धर्म में ज्ञान आगे बढ़ा है। साथ ही हर एक बड़ा कार्य करने के लिए सदैव ही गुरु का मार्गदर्शन और सानिध्य आवश्यक होता है। वर्तमान में धर्म पर होने वाले आघात हर ओर बढ़ रहे हैं, लव जिहाद से हमारी बेटियां घिर रही हैं, धर्मान्तरण बढ़ रहा है, ऐसे अनेक संकट हमारे देश में मंडरा रहे हैं। इनसे निपटने के लिए धर्म हित में कार्य करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज गुरु पूर्णिमा के दिन हम यह संकल्प ले की धर्म रक्षा के लिए हम कटिबद्ध होंगे।
कार्यक्रम में कई बड़े लोग हुए शामिल
महोत्सव की शुरुआत में श्री व्यासपूजा और पंडित पू. भक्तराज महाराजजी की प्रतिमा का पूजन किया गया। पूजन सैफर सिंह आसवाल और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रुक्मिणी आसवाल ने किया। इस समय साधना के महत्व के सन्दर्भ में उपस्थित जिज्ञासु को वीडियो दिखाया गया। इस कार्यक्रम में सनातन के संत पूज्य संजीव कुमार और सर्वोच्च न्यायालय की अधि. मणि मित्तल और अधिवक्ता बिपिन बिहारी सिंह, सांस्कृतिक गौरव संस्थान राम शरण गौड़, अजय, श्रीमती सुनीता दुर्रानी और लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति के ओ पी गोयल मान्यवर मौजूद रहे।
चार भाषाओं में ऑनलाइन हुआ कार्यक्रम
जानकारी के लिए बता दें कि चार भाषाओं में ऑनलाइन गुरु पूर्णिमा महोत्सव’ इस वर्ष हिंदू जनजागृति समिति द्वारा हिंदी, गुजराती, बंगाली और उडिया आदि चार भाषाओं में ऑनलाइन गुरु पूर्णिमा महोत्सव संपन्न हुआ। इस माध्यम से देश विदेश के श्रद्धालुओं ने ‘गुरु पूर्णिमा महोत्सवों का लाभ उठाया। कार्यक्रम के दौरान तिलक लगाकर आने वाली सभी हिन्दू बंधू और बहनों का स्वागत किया गया।