साथी हाथ बढ़ाना....एक अकेला थक जाएगा मिलकर हाथ बढ़ाना
-कैंसर से इलाज कराते-कराते दंपती घिरे आर्थिक संकट में तो साेसाइटी के लोगों ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ
-हर माह दवाओं पर खर्च हो रहा दो से ढाई लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। एल्डिको मिस्टिक ग्रीन सोसाइटी निवासी आशीष नारायण को कैंसर की बीमारी हो गई। इससे जूझते हुए दंपती की आर्थिक हालत खराब हो गई। इसमें जमापूंजी और संपत्ति तक खत्म हो गई। बीमारी के कारण जिस कंपनी में नौकरी करते थे, उसने भी साथ छोड़ दिया तो मासिक खर्च के लिए भी लाले पड़ गए। सोसाइटी के एओए पदाधिकारियों-निवासियों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने मिलकर सहयोग करना शुरू किया। निवासियों ने बीमार के इलाज के लिए साढ़े तीन लाख रुपये की राशि जुटाई है। पीड़ित के इलाज के लिए लगातार राशि जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
मूल रूप से मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी देवजानी नारायणी ने बताया कि काफी दिन से उनके पति आशीष नारायण बीमार रहते थे। अस्पतालों में इलाज कराते हुए टेस्ट कराने पर 26 जून 2023 को पता चला कि उन्हें ब्लड कैंसर है। उनका निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया तो हालत खराब होती चली गई। डॉक्टर भी लगातार दवा का खर्च बढ़ाते जा रहे हैं। अब मैक्स अस्पताल से उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने स्टेम सेल हेलोजैनी स्टेम ट्रांसप्लांट करने के लिए बोला है। डॉक्टरों ने इसका खर्च करीब 25 लाख रुपये बताया है, लेकिन आर्थिक स्थिति पहले ही खराब हो चुकी थी। उनकी जमापूंजी और गांव की संपत्ति तक बिक चुकी है। हाथ में कुछ नहीं है। चूंकि हर महीने दवा का खर्च करीब डेढ़ से दो लाख रुपये आ रहा है। दंपती के कोई संतान नहीं है। दंपती के रिश्तेदार और अन्य लोग पहले ही मदद कर चुके हैं। उन पर कई लाख रुपये का कर्ज हो चुका है। मगर वह राशि भी कम पड़ने लगी तो अब निवासियों ने मिलकर कैंसर पीड़ित के इलाज के लिए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, एनजीओ, सामाजिक संगठन और आम जनता से मदद की अपील की है।
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सोसाइटी के लोग परिवार की तरह पूछते हैं हाल-चाल
सोसाइटी निवासी ज्योति बताती हैं कि एओए ही नहीं बल्कि सोसाइटी के अन्य लोग भी आशीष नारायण का हालचाल पूछने के लिए आते-जाते रहते हैं। उनको ऐसा महसूस नहीं होने देते कि वह इस विपदा में अकेले हैं। बल्कि समय-समय पर सोसाइटी निवासी उनके बीच बैठकर माहौल को हलका करने का भी प्रयास करते हैं।
20 साल से एनसीआर में रह रहे दंपती
कैंसर पीड़ित आशीष नारायण अपनी पत्नी के साथ करीब 20 साल से एनसीआर में रह रहे हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के रहने वाले आशीष पत्नी के साथ दिल्ली में आकर रहने लगे थे। साल 2012 में ग्रेटर नोएडा के एडब्ल्यूएचओ सोसाइटी में रहे और करीब डेढ़ साल से एल्डिको मिस्टिक ग्रीन सोसाइटी में निवास कर रहे हैं। कोई संतान नहीं होने से दंपती पर दुःखों का पहाड़ टूटा हुआ है।
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इलाज के लिए बिक गई जमीन
आशीष की आर्थिक स्थिति का आलम यह है कि इलाज के लिए उनको जमीन तक को बेचना पड़ा। पत्नी का कहना है कि करीब दो साल पहले पति को हार्ट अटैक आया था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। निवासियों की मदद से इलाज कराया गया। वहीं, आर्थिक मदद के लिए सोसाइटी निवासियों के सहयोग से प्रशासन, शासन, एनजीओ व आम जनता से अपील की है।
अभी जानकारी में इस तरह का कोई केस नहीं आया है। यदि ऐसा है तो इस संबंध में जानकारी जुटाकर शासन को इससे अवगत कराया जाएगा और मदद के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
मनीष कुमार जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर।