कम्पोजिट विद्यालय मोरनाविनीता यादव
हर बच्चे के भीतर कल्पनाओं और नए विचारों का संसार होता है। यदि उन्हें अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति का अवसर मिले तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रतिभा खुलकर सामने आती है। सीखने की मजबूत नींव बच्चों की अपनी भाषा से ही तैयार होती है। विद्यालय में अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनमें सीखने की ललक, जिज्ञासा और कुछ नया करने का उत्साह भरपूर है। ऐसे बच्चों को हिंदी में पढ़ाने और समझाने से वे कठिन विषयों को भी आसानी से समझ लेते हैं और अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रख पाते हैं। बच्चों को रटने के बजाय समझकर सीखने के लिए प्रेरित किया जाए। इसी का परिणाम है कि विद्यालय के कई विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया है। यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और मातृभाषा में सीखने का अवसर मिले तो वे सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं।
- विनीता यादव, सहायक अध्यापिका, कंपोजिट विद्यालय मोरना, नोएडा