जीएसटी वापस कराना हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर
जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज किया जीएसटी मांगने का वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट पर समय से कब्जा न मिलने पर खरीदार को बिल्डर केवल अपने पास जमा राशि को वापस करेगा। जो धनराशि जीएसटी में जमा हुई है, उसे नहीं लौटाएगा। वह सरकारी खजाने में जमा हो जाती है। उसे वापस कराने का अधिकार आयोग के पास नहीं है।
ऐसे ही एक मामले में जीएसटी लौटाने के वाद को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने खारिज कर दिया है। ग्रेनो वेस्ट के गौड़ सिटी-1 निवासी हंसा गुप्ता ने राइज प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आवासीय योजना राइज फॉरेस्ट फ्लोर रेजीडेंसी ग्रेटर नोएडा में एक आवासीय फ्लैट बुक किया था। इसके लिए कुल 11.69 लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद बिल्डर ने उसी योजना में दूसरी यूनिट में फ्लैट लेने के लिए कहा। इसके लिए खरीदार ने बिल्डर को 6 लाख रुपये का और भुगतान कर दिया। बाद में यूनिट पैसे की अदायगी न करने पर निरस्त कर दी गई।
इस पर बिल्डर ने खरीदार की ओर से कुल जमा 17,69,531 रुपये में से जीएसटी की धनराशि 1,53,990 रुपये काटकर बाकी धनराशि 16,15,551 रुपये खरीदार को लौटा दी। खरीदार ने जीएसटी की राशि के साथ ही जमा धनराशि का ब्याज देने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया गया। आयोग के सदस्य दयाशंकर पांडेय ने वाद की सुनवाई की और कहा कि खरीदार ने बिना किसी विरोध के 16,51,551 रुपये ले लिए। जीएसटी वापस दिए जाने के आदेश उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसलिए वाद को निरस्त किया जाता है।