(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने अवैध निर्माण व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दो आरोपियों दिल्ली निवासी जावेद मलिक व उमेर उर रहमान खान को अग्रिम जमानत दी है। आरोपियों पर जाली दस्तावेजों के आधार पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बहुमंजिला इमारत का अवैध निर्माण कराने का आरोप है। मामला थाना सेक्टर-39 नोएडा में दर्ज गांव भंगेल बेगमपुर के एक मामले से जुड़ा है। जिसमें जमानत पाए आरोपियों सहित 22 लोगों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण के अवर अभियंता की ओर से अवैध निर्माण व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोपियों के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपियों को वादी और पुलिस की मिलीभगत से झूठा फंसाया गया है। संबंधित प्लॉट का अधिग्रहण नोएडा प्राधिकरण द्वारा नहीं किया गया है। न ही किसी प्रकार का प्रतिकर दिया गया है। प्लॉट की रजिस्ट्री 7 फरवरी 2025 को आरोपियों के नाम दर्ज है। राजस्व दस्तावेजों में भी उनका नाम अंकित है। साथ ही उपनिबंधक कार्यालय से भारमुक्त प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया गया है। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए बिना गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत मंजूर की।