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दो माह में ग्रेनोवासियों को मिलेगा गंगाजल

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ग्रेटर नोएडा। गंगाजल परियोजना के लिए शुक्रवार का दिन काफी अहम है। पहली बार ग्रेनो के जैतपुर स्थित मास्टर रिजर्व वायर तक गंगाजल बिना किसी लीकेज के पहुंचा। अब दो माह तक लाइनों में पानी छोड़कर परीक्षण किया जाएगा और फिर आपूर्ति शुरू की जाएगी। हापुड़ के अपर गंगा कैनाल से 85 क्यूसेक गंगाजल लाने का प्रस्ताव 2005 में बना। वर्ष 2012 से 2014 के बीच ग्रेनो में जलापूर्ति व्यवस्था तैयार कर ली गई थी। वर्ष 2017 के बाद देहरा से जैतपुर तक 23 किमी की पाइपलाइन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और देहरा में इंटेक (प्रारंभिरक ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के कार्य शुरू किए। देहरा से 7.4 किमी की पाइप लाइन सिंचाई विभाग की जमीन पर की जानी थी, जिसको प्राधिकरण ने 2018 तक पूरा कर लिया। उसके आगे एनटीपीसी से जमीन लेकर पाइपलाइन बिछाई गई।
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वरिष्ठ प्रबंधक कपिल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पानी ग्रेनो के जैतपुर स्थित मास्टर रिजर्व वायर तक पहुंच गया। इससे पहले अधिकारियों ने पल्ला-बोड़ाकी के पास रेलवे लाइन के किनारे से गुजर रही पाइप लाइन का निरीक्षण किया। मास्टर रिजर्व वायर पर टेस्टिंग का काम शुरू हो गया है। अब आपूर्ति को लेकर काम किया जाएगा। दो माह में गंगाजल आपूर्ति के लिए कमिश्निंग का काम पूरा होने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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पल्ला के किसानों ने रोक दिया था काम
पल्ला के पास दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन के नीचे से पाइपलाइन डालने का काम हुआ। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नीचे से पाइपलाइन को पार करते हुए दिसंबर 2021 में गंगाजल पल्ला के डब्ल्यूटीपी तक पहुंच गया। इस बीच कुछ किसान पल्ला में बने डब्ल्यूटीपी पर धरने पर बैठ गए, जिसके चलते काम रुक गया। हालांकि अधिकारियों ने इसे चलवा दिया और तब जाकर यह सफलता मिलनी शुरू हुई है।
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85 क्यूसेक गंगाजल परियोजना ग्रेनोवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। जल्द ही घरों में गंगाजल मिश्रित की आपूर्ति होगी और ग्राउंड वाटर पर निर्भरता कम होगी। भूजल स्तर में सुधार होगा। प्राधिकरण ग्रेनोवासियों के घरों तक गंगाजल पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहा है। - सुरेंद्र सिंह, सीईओ, ग्रेनो प्राधिकरण
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