ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बीते फरवरी १० फरवरी को बोर्ड बैठक कर जमीन के रेट रिवाइज कर दिए थे। पहली बार सभी सेक्टरों को ए, बी, सी व डी श्रेणी में रखकर रेट तय किए गए, जिन सेक्टरों की लोकेशन ज्यादा अच्छी है उनमें सुविधाएं ज्यादा हैं वहां पर जमीन की आवंटन दर अधिक और जिन सेक्टरों की लोकेशन अपेक्षाकृत कम ठीक है उनका कम रेट रखा गया। उदाहरण के लिए आवासीय सेक्टरों की चार श्रेणी बनाई गई है ए, बी, सी व डी। इन ए श्रेणी के सेक्टरों में जमीन की आवंटन दर 28,000, बी श्रेणी की 27,000, सी श्रेणी की 26000 और डी श्रेणी की दर 23,100 रुपये रखी गई है, जबकि पहले एक ही रेट था 23,100 रुपये है। इन दरों को एक अप्रैल से लागू करने का निर्णय लिया गया। इस बीच कोरोना संकट आ जाने से इस पर फैसला नहीं हो सका। अब प्राधिकरण ने साफ किया है कि ये दरें एक अप्रैल से ही लागू हो गई हैं। उनका तर्क है कि दरें रिवाइज करने का फैसला बोर्ड से लिया गया था। बिना बोर्ड की अनुमति के लागू करने की तिथि नहीं बढ़ाई जा सकती थी। बोर्ड की बैठक बुलाना इस समय संभव नहीं है। इस वजह से ये दरें तय तिथि से ही लागू कर दी गईं हैं। हालांकि कोरोना की वजह लॉकडाउन होने के कारण रिवाइज होने के बाद से अब तक किसी भी प्रॉपर्टी का आवंटन नहीं हुआ है। दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी बकाएदारों को बकाया राशि जमा करने की छूट ३० जून तक बढ़ा दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि छूट के साथ पानी का बकाया बिल ३० जून तक जमा कर सकते हैं। इसी तरह एकमुश्त समाधान योजना के तहत प्रॉपर्टी का भुगतान करने की अंतिम तिथि भी ३० जून तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में इनकी तिथि ३० अप्रैल तक बढ़ाई गई थी। इससे पानी व प्रॉपर्टी के हजारों बकाएदारों को सहूलियत मिल गई है। -------