250 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा, मुख्यमंत्री से शिकायत
जिलाधिकारी ने 1999 में जमीन के क्रय-विक्रय पर लगाई थी रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी मुख्य तिराहे पर स्थित 250 करोड़ रुपये की सरकारी भूमि (फौजी पड़ाव की जमीन) पर अवैध कब्जा करने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है, जबकि 24 साल पहले जमीन के क्रय-विक्रय पर जिलाधिकारी ने प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद भी जमीन की खरीद-फरोख्त हो रही है। इतना ही नहीं, अब दिन-रात में जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण करके कब्जा किया जा रहा है। जांच कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने व दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। उधर, मामला संज्ञान में आने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया है।
शोभाराम शर्मा इंटर कॉलेज के सेवानिवृत प्रवक्ता ओमदत्त शर्मा ने मुख्यमंत्री, रक्षा संपदा अधिकारी आगरा मंडल, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद अधिशासी अधिकारी से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दादरी नगर पालिका परिषद की सीमा के तहत दादरी तिराहे पर फौजी पड़ाव की 16 एकड़ (80 बीघा) जमीन है। इस भूमि के कुछ हिस्से पर जनता इंटर कॉलेज संचालित है, जबकि बची हुई जमीन फौजी पड़ाव की जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करके उस पर आवासीय और व्यावसायिक भूखंड बेच दी थी। फौजी पड़ाव की जमीन बेचने की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक की गई थी। इस प्रकरण में जांच बैठाई गई और उसमें आरोपों की पुष्टि होने पर तत्कालीन जिलाधिकारी मनोज सिंह ने तीन सितंबर 1999 को आदेश जारी किया था। उसमें कहा था कि राजस्व अभिलेखों में दादरी के गाटा संख्या 1170 एवं 1168 आदर्श हरिजन जनता इंटर कॉलेज दर्ज है। विद्यालय का नाम बदलकर उपरोक्त भूमि को किसी के द्वारा भी खरीदा या बेचा नहीं जा सकता है। साथ ही उक्त जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी थी। पूर्व में किए गए बैनामे के नामांतरण की कार्रवाई को भी उसी दौरान रुकवा दिया गया था। मगर जिलाधिकारी के आदेश की अवहेलना करते हुए जमीन की खरीद-फरोख्त होती रही है। इन दिनों सड़क के दोनों ओर ऊंची चहारदीवारी करके अंदर भूखंडों पर निर्माण कर कब्जा दिया जा रहा है। जमीन की कीमत करीब 250 करोड़ रुपये है।
उन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दादरी उपजिलाधिकारी से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण की सूचना नगर पालिका परिषद को भी दी गई है, लेकिन नगर पालिका परिषद की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर पीड़ित ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करके फौजी पड़ाव की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने व कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामला जब संज्ञान में आया तो मौके पर पहुंचकर संबंधित जमीन पर चल रहे निर्माण को रुकवा दिया है। प्रकरण की जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विवेकानंद मिश्रा, उप जिलाधिकारी दादरी।