गुलरिहा थाना क्षेत्र के भटहट कस्बे में शनिवार सुबह लगी आग में झुलसे किराना दुकानदार विनोद जायसवाल (50) की रविवार सुबह उपचार के दौरान बीआरडी में मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी शकुंतला देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। दोपहर बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। देर शाम बेटे ने दाह संस्कार कर दिया।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे बैरियर तिराहे पर स्थित विनोद जायसवाल की किराना व मोबिल ऑयल की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। चंद ही मिनटों में दुकान से उठी लपटें मकान के अंदर तक फैल गईं।
परिवार के लोग अंदर फंस गए। विनोद ने पत्नी और बच्चों को बचाने की कोशिश की लेकिन वह खुद भी गंभीर रूप से झुलस गए। आस-पड़ोस के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, दुकान पूरी तरह आग की चपेट में आ चुकी थी।
स्थानीय लोगों ने किसी तरह दरवाजा तोड़कर परिवार को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची करीब 20 लाख रुपये का सामान जल चुका था। लोगों ने बताया कि आग बुझाने के लिए कस्बे में न तो फायर एक्सटिंग्विशर व्यवस्था है, न ही कोई आपात जलस्रोत। पड़ोसियों ने बाल्टियों और पाइपों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि सब कुछ जल गया।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
भटहट कस्बे में हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कस्बे में अग्निशमन केंद्र नहीं है, जबकि यहां ज्वलनशील सामान जैसे पेट्रोल, मोबिल ऑयल, प्लास्टिक की सैकड़ों दुकानें हैं। विनोद जायसवाल की दुकान में भी पेट्रोल व डीजल के छोटे कंटेनर रखे थे, जिससे आग ने भयंकर रूप ले लिया।
स्थानीय व्यापारी संतोष ने बताया कि कस्बे में फायर स्टेशन की सख्त जरूरत है। हादसे के बाद पुलिस और दमकल टीम को पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया। तब तक सब कुछ जल चुका था। वहीं, नंदकिशोर यादव का कहना है कि हर बार हादसे के बाद जांच की बात होती है, लेकिन कोई स्थायी कदम नहीं उठाया जाता। यहां बिजली के तार खुले लटक रहे हैं और दुकानों में सुरक्षा उपकरण नहीं हैं।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
विनोद की मौत की खबर मिलते ही गांव और बाजार में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार सुबह घर पहुंचे रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी। घाट पर बड़े बेटे अजय ने पिता को मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो उठी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मायके से घर लौटीं विनोद की पत्नी ममता ने बताया कि सास शकुंतला की भी हालात गंभीर बनी हुई है।
मामले की जांच की जा रही है। नगर पंचायत प्रशासन को आग के बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए निर्देश भेजे जा रहे हैं:
महेश यादव, थानाध्यक्ष, गुलरिहा