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Noida News: अफसरों व नेताओं का करेंगे घेराव, एनटीपीसी का रोकेंगे पानी

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अफसरों और नेताओं का करेंगे घेराव, रोकेंगे एनटीपीसी का पानी
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बिसाहड़ा गांव के कीर्तन भवन मंदिर में एनटीपीसी से प्रभावित गांवों के किसानों ने की महापंचायत
पुलिस और किसान नेताओं के बीच कई बार हुई नोकझोंक, बड़ी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात

संवाद न्यूज एजेंसी
जारचा। एनटीपीसी से प्रभावित 24 गांवों के किसानों ने बृहस्पतिवार को भारतीय किसान परिषद के पदाधिकारियों के साथ बिसाहड़ा गांव के कीर्तन मंदिर में महापंचायत की। इस दौरान चार बार पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो अफसरों और नेताओं का घेेराव करेंगे, साथ ही एनटीपीसी गेट पर तालाबंदी और पानी रोकेंगे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किसानों को वार्ता कराने का आश्वासन दिया है। महापंचायत की अध्यक्षता मास्टर वीरपाल राणा और संचालन मनिंदर भाटी ने किया।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि एक समान मुआवजा और रोजगार समेत अन्य मांगों पर सरकार व एनटीपीसी किसानों को गुमराह कर रही है। किसान जेल जाने को तैयार है। मांग पूरी नहीं होने पर एनटीपीसी आने वाली कोयले की ट्रेन को रोकेंगे। महापंचायत में पहुंची महिलाओं और युवाओं को बिसाहड़ा की नहर के पानी से प्रतिज्ञा भी दिलाई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किसानों को शांत कराने का प्रयास किया। आश्वासन दिया कि दिल्ली में एनटीपीसी अफसरों के साथ वार्ता कराई जाएगी। जिस पर किसानों ने कहा है कि अब उनके पास वार्ता करने का समय नहीं है, मांग पूरी होनी चाहिए।
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अनुरोध पर भी नहीं पहुंचीं साध्वी

महापंचायत से पहले सुखबीर खलीफा हर साध्वी हर सिद्भि गिरी के भवन पर पहुंचे। वहां साध्वी से महापंचायत में शामिल होने का अनुरोध किया, लेकिन साध्वी ने निजी कारण का हवाला देते हुए इन्कार कर दिया।
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करीब 30 मिनट तक चली नोकझाेंक
हवन के बाद 12 बजे महापंचायत शुरू हुई। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर तीन बजे सुखबीर खलीफा ने रजवाहे पर जाकर भिक्षा मांगने और प्रतिज्ञा लेने की घोषणा की। इस पर महिलाएं रजवाहे की तरफ चल दीं। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया और मंदिर के गेट का ताला लगा दिया। इसके बाद करीब 30 मिनट तक पुलिस और किसान नेताओं के बीच नोकझोंक चलती रही। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं को रजवाहे तक जाने दिया। वहां से किसानों ने एनटीपीसी जाने वाली रेल लाइन पर जाकर प्रदर्शन करने की मांग की। इस पर भी पुलिस के साथ काफी बहसबाजी हुई। पुलिस ने समझाकर किसानों को वापस मंदिर में भेजा।
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