बिल्डर से हमारा हक दिलाएं, तभी सोसाइटी में वोट मांगने आएं
सेक्टर-120 आरजी रेजीडेंसी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले धरना प्रदर्शन-फ्लैटों खरीदार सड़क पर उतरे, सोसाइटी में लगाए बैनर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बिल्डर से हमारा हक दिलाएं। बचे फ्लैटों की रजिस्ट्री कराएं, तभी सोसाइटी में वोट मांगने आएं। क्षमा याचना के साथ सेक्टर-120 आरजी रेजीडेंसी के फ्लैट खरीदारों ने सोसाइटी में इस तरह के बैनर लगाने का फैसला किया। इसी कड़ी में सोसाइटी के निवासी सोमवार को सड़कों पर उतर आए और धरना प्रदर्शन किया। आरजी कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर धरने की शुरुआत हुई।
निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में 500 से अधिक रजिस्ट्री लंबित है। बिल्डर के पास 7.5 करोड़ के अलावा क्लब, स्वीमिंग पूल, कम्यूनिटी हॉल आदि की सुविधाओं की मांग वर्षों से की जा रही है। एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने बताया कि इस धरने का मुख्य मकसद नोएडा प्राधिकरण की मिलीभगत से वर्षों से लंबित रजिस्ट्री एवं बिल्डर के प्रोजेक्ट से संबंधित लंबित मामलों को उजागर करना है। सचिव अशोक बिंदलिस ने कहा कि इस बात से सभी सहमत हैं कि बिल्डर के खिलाफ जल्द ही कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ साथ बड़े आंदोलनों के जरिए सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचानी होगी। उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बिल्डर की नाकामियों को नए टावरों के नए खरीदारों के सामने उजागर करते हुए सचेत रहने को कहा।
इसी उद्देश्य से सोसाइटी के सभी गेटों पर इस तरह के बैनर लगाने का कार्य किया गया। बिल्डर और प्राधिकरण के खिलाफ गांधी जयंती के मौके पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। उनका कहना है कि 155 करोड़ के डिफॉल्ट के बाद भी नए टावरों की एफएआर की अनुमति प्राधिकरण के साथ मिलीभगत का नतीजा है। इस मौके पर बोर्ड मेंबर शैलेंद्र यादव, शिव अवस्थी, रजनी अग्रवाल और अविनाश अरुण मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस बाबत आरजी ग्रुप मीडिया प्रभारी कविता चावला ने बताया कि प्राधिकरण से भी लगातार बात हो रही है और उम्मीद है कि बची हुई रजिस्ट्रियों का रास्ता जल्दी खुल जाएगा।