तत्कालीन डीएम व एसएसपी की समिति के अनुमोदन पर सुरक्षा दी गई थी। जनपदीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एसपी और डीएम होते हैं। हालांकि जनपदीय समिति ने पति-पत्नी को एक-एक सुरक्षाकर्मी दिया था। फिर शासन सरकार के आदेश पर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई थी।
ट्विटर- इंस्टाग्राम की हो रही पुलिसिंग : पूर्व डीजीपी
यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि इस दौर में नोएडा सहित अन्य स्थानों पर ट्विटर व इंस्टाग्राम की पुलिसिंग हो रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि एक गैंगस्टर जिस पर नौ मुकदमे दर्ज हों और वह सोसाइटी में गुंडागर्दी कर रहा हो। यह बगैर पुलिस की शह के कैसे संभव है। श्रीकांत पर नौ मुकदमे दर्ज थे तो हर पखवाड़े या महीने में एक बार पुलिस को उसकी हरकतों के बारे में जाकर पता करना चाहिए था कि उसका क्या व्यवहार है। पुलिस को उसकी हरकतों के बारे में पता था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
फरारी के दौरान श्रीकांत ने आईएएस व आईपीएस से मांगी थी मदद
श्रीकांत त्यागी जब पुलिस से बचकर भाग रहा था तब उसने पहले कई नेताओं से संपर्क किया लेकिन मीडिया में मामला उछलने के बाद नेताओं ने हाथ पीछे कर लिए। तब श्रीकांत ने एक आईएएस व एक आईपीएस से संपर्क किया और मदद मांगी। इन दोनों अधिकारियों से त्यागी को मदद नहीं मिली बल्कि दोनों अधिकारियों ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी।