पानीपत। भोंडसी जेल में बंद सिवाह गांव का गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू वीरवार को अंतरिम जमानत पर अपने पिता सेवानिवृत्त सैनिक धर्मपाल फाैजी (78) की तेरहवीं पर पहुंचा। वे यहां सुबह सवा नौ से साढ़े दस बजे तक रहा। इस दौरान सिवाह गांव में भारी पुलिसबल तैनात रहा। परिजनाें ने बताया कि 29 अक्तूबर काे गैंगस्टर प्रसन्न लंबू के पिता धर्मपाल फाैजी की बीमारी के चलते माैत हाे गई थी। वह अंतरिम जमानत पर अंतिम संस्कार के लिए आया था। उसने तेरहवीं की रस्म के लिए शुक्रवार काे काेर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका लगाई थी। समालखा थाना की पुलिस ने इसकी पड़ताल की। प्रसन्न को वीरवार काे भाेंडसी जेल से अंतरिम जमानत पर लाया गया। उसके साथ 16 पुलिसकर्मी थे। सेक्टर-29 औद्योगिक थाना के प्रभारी अनिल ने बताया कि थाना की पूरी टीम के साथ सिवाह में तैनात रहे। उनके साथ सीआईए की टीम भी तैनात रही। प्रसन्न उर्फ लंबू करीब सवा घंटे तेरहवीं की रस्म में रहा। ब्यूरो