मोबाइल टावरों से हजार ज्यादा बैटरी चोरी करने वाले गिरोह के आठ गिरफ्तार
- बैटरी चोरी होने से मोबाइल नेटवर्क हो रहा था बाधित, कॉल ड्रॉप की भी शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा समेत एनसीआर के मोबाइल टावरों से हजार से ज्यादा बैटरी चोरी करने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना दिल्ली निवासी मोहम्मद जकी उर्फ कलुआ समेत आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी नदीम, गोविंद उर्फ गोविंदा, मुरारी, रामवीर, विकास उर्फ विक्की, मोहम्मद कासिम और महोबा निवासी निर्दोष कुमार के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 30 टावरों से चोरी की गई बैटरी, पिकअप वाहन समेत 39190 रुपये नकदी बरामद हुई है।
इस मामले में पुलिस को टेलीकॉम ऑपरेटर की तरफ से भी शिकायत मिल रही थी। इसमें बताया गया था कि टावर की बैटरी चोरी होने से मोबाइल नेटवर्क बाधित हो रहा था। जिससे प्रभावित क्षेत्र में कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ गई थी। लगातार आ रही शिकायतों को देखकर डीसीपी नोएडा ने कोतवाली सेक्टर-24 के प्रभारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। टीम ने शनिवार को गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के सरगना मोहम्मद जकी उर्फ कलुआ पर दिल्ली और नोएडा के अलग-अलग थाने में सात, नदीम पर आठ, निर्दोष पर पांच, गोविंदा पर 17, मुरारी पर सात, रामवीर पर आठ, विक्की पर सात और कासिम पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के ज्यादातर आरोपी जेल जा चुके हैं। डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि हाल के महीनों में गिरोह नोएडा में सक्रिय हुआ था। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
15 वर्षों से सक्रिय था गिरोह
डीसीपी हरीश चंदर के मुताबिक गिरोह के बादमाश 2008 से वारदात कर रहे थे। गिरोह के सभी बदमाशों के काम निर्धारित थे। सरगना वाहन चालक भी है। गिरफ्तार नदीम इलेक्ट्रिक का काम जानता है। वही टावर से बैटरी निकालता था। गोविंद उर्फ गोविंदा टॉवरों की रेकी करता था। मोहम्मद कासिम चोरी की बैटरी बेचता था। गिरोह रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच वारदात करता था। आरोपी चोरी की बैटरी पांच से 12 हजार रुपये में दिल्ली में बेचते थे। आरोपी 20 से 25 मिनट में बैटरी चुराकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने हाल ही में सेक्टर-24,सेक्टर-39 और सेक्टर-49 में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
हर वारदात के बाद बदल देते थे शहर
गिरोह के बदमाश हर रात ही किसी न किसी टावर में चोरी की साजिश रचते थे। आरोपी एक शहर में वारदात के बाद एनसीआर के दूसरे शहर चले जाते थे। वहां टावर को निशाना बनाने से पहले कई घंटे पहले से ही सक्रिय हो जाते थे।