प्रतिबंधित ई सिगरेट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, छह गिरफ्तार
- पब, क्लब में बेचते थे, कॉलेज के युवाओं को भी करते थे सप्लाई
- 15 लाख रुपये कीमत की ई-सिगरेट बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के पब, क्लब में प्रतिबंधित ई-सिगरेट बेचने वाले गिरोह का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने केमिकल युक्त फ्लेवर्ड सिगरेट बेचने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर-63 में रिलायंस के बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास से गिरोह के सरगना गाजियाबाद निवासी प्रवीण गौड़, आकाश, नितिन गुप्ता, आर्यन देव, उमेश और वीरू को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 405 ई-सिगरेट बरामद हुईं है। जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है। पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
नोएडा सेंट्रल जोन के एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि आरोपी पिछले छह माह से प्रतिबंधित सिगरेट बेच रहे थे। आरोपी एक ई सिगरेट 300 से 400 रुपये में खरीदकर 2 से 8 हजार रुपये में बेचते थे। ई-सिगरेट को सामान्य सिगरेट के विकल्प के तौर पर बेचा जा रहा था। हालांकि ई-सिगरेट सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होता है। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट के उत्पादन, आयात, निर्यात, हस्तांतरण, बिक्री, विज्ञापन पर रोक लगाकर सजा का प्रावधान कर दिया गया था।
ई सिगरेट का चीनी कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के बाद इसे चोरी छिपे चीन से मंगाते थे। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दिल्ली के चांदनी चौक के एक डीलर व आनलाइन ई-सिगरेट मंगाकर नोएडा के दुकानदारों को बेचते थे। आरोपियों ने दिल्ली के जिस डीलर का नाम बताया है वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस इस बात की जानकारी कर रही है कि यह सिगरेट भारत में कैसे पहुंचती है।