मिलावटी फूड सप्लीमेंट बनाने वाले गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तार
सेक्टर-63 में किराए पर चल रही थी फैक्ट्री, करीब एक करोड़ की मिलावटी फूड सप्लीमेंट बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मिलावटी फूड सप्लीमेंट को नामी कंपनी का रैपर लगाकर बाजार में बेचने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में झारखंड निवासी अमित कुमार साव, अजय सिंह और रोशन को गिरफ्तार किया गया है। तीनों सेक्टर-63 में एक फैक्ट्री में नकली फूड सप्लीमेंट बना रहे थे। इनके पास से करीब एक करोड़ की मिलावटी फूड सप्लीमेंट बरामद किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य आरोपियों को तलाश कर रही है।
एक सूचना पर कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने मंगलवार को सेक्टर-63 के सी ब्लॉक स्थित एक बिल्डिंग में दबिश दी। यहां मिलावटी फूड सप्लीमेंट बनाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अमित गिरोह का सरगना है। तीनों वर्तमान में सर्फाबाद और गिझौड़ में रह रहे थे। नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी डॉ. राजीव दीक्षित का कहना है कि तीनों सेक्टर-63 में फैक्ट्री में मिलावटी फूड सप्लीमेंट बनाते थे और ब्रांडेड कंपनियों के डिब्बे में पैक कर रैपर लगाकर मार्केट में बेचते थे। आरोपी जिम जाने वाले युवक-युवतियों को मिलावटी फूड सप्लीमेंट सप्लाई करते थे।
जांच में पाया गया कि मिलावटी फूड सप्लीमेंट को जांच के लिए लैब भेजा गया है। इस दौरान खाद्य विभाग की टीम भी पुलिस के साथ रही। आरोपियों ने लगभग दो साल तक गुरुग्राम में फूड सप्लीमेंट बनाने वाली एक नामी कंपनी में काम किया था। वहां से काम सीखने के बाद अमित ने खुद फूड सप्लीमेंट बनाकर उसे बाजार में बेचने का धंधा शुरू करने की तैयारी की। तीनों ने योजना के तहत यश नामक युवक से मुलाकात की।
इसके बाद किराये का मकान लेकर चारों ने मिलावटी फूड सप्लीमेंट बनाने का काम शुरू कर दिया और मोटा मुनाफा कमाने लगे। मकान के अंदर संचालित फैक्टरी में बिना लैब परीक्षण और मानक के माल तैयार हो रहा था। पुलिस यश और अन्य की तलाश कर रही है। इसके लिए कई शहरों में दबिश दी जा रही है।
-
चार से पांच गुना तक मुनाफा
पुलिस व खाद्य विभाग की जांच में पता चला है कि आरोपी मिलावटी फूड सप्लीमेंट बेच कर चार से पांच गुना तक कमाई करते थे। मिलावटी सप्लीमेंट के डिब्बे पर कार्टलवे कंपनी समेत अन्य ब्रांडेड कंपनियों का रैपर लगा देते थे। नोएडा के अलावा इसकी आपूर्ति दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग जिलों में भी होती थी। बरामद फूड सप्लीमेंट, कच्चा माल, रैपर, खाली डिब्बे, पैकिंग और प्रिंटिंग मशीन की कीमत एक करोड़ रुपये के करीब बताई जा रही है।
-
जिम संचालकों को देते थे मोटा कमीशन
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मिलावटी फूड सप्लीमेंट बनाकर इसे बेचने के लिए जिम संचालकों से संपर्क किया जाता था। इनके पास जिम संचालकों के पते और नंबर मिले हैं। आरोपी जिम संचालकों को 15 से 30 प्रतिशत तक कमीशन देते थे। इसके बाद जिम संचालक अपने यहां आने वाले लोगों को फूड सप्लीमेंट खरीदने के लिए प्रेरित करते थे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के भी कई जिम संचालकों से आरोपियों का सीधा संपर्क था।