-रेलवे बोर्ड का सदस्य बताकर और राजनेताओं के साथ फोटो दिखाकर बनाते थे शिकार
-आर्थिक अपराध शाखा ने एक महिला समेत दो जालसाजों को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड का सदस्य बताकर रेलवे में नौकरियां और टेंडर दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने अंतरराज्यीय गैंग का आर्थिक अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला सामाजिक कार्यकर्ता है और राजनेताओं के साथ अपना फोटो दिखाकर लोगों को चंगुल में फंसाती थी।
आरोपी 15 पीड़ितों से 3.5 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। दूसरे आरोपी पर ठगी के पांच से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों की पहचान भास्कर पोन्नाला (60) और केशवकुंज, विकासपुरी निवासी उमा के रूप में हुई है। साल 2022 में चेन्नई निवासी एस रविचंद्रन और चार अन्य शिकायतकर्ताओं ने दिल्ली के आर्थिक अपराध शाखा में ठगी की शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भास्कर पोन्नाला और उमा ने खुद को रेलवे बोर्ड का सदस्य बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे के ग्रुप सी और डी सेवाओं में वह नौकरी लगवा सकते हैं। शिकायतकर्ता प्रलोभन में आकर रेलवे में नौकरी पाने के लिए उन्हें मोटी रकम दे बैठे। उसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को रेलवे के फर्जी ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र दिए। कागजात को लेकर रेलवे कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि वह जाली हैं। इसके बाद पुलिस के पास इस तरह की 15 शिकायतें आईं।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियोंं की तलाश शुरू की। पुलिस उपायुक्त मोहम्मद इरशाद हैदर के देखरेख में टीम को पता चला कि इस मामले का आरोपी भास्कर पोन्नाला ठगी के एक मामले में हैदराबाद जेल में बंद है। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन पर हिरासत में लिया और दिल्ली लाने के बाद उससे पूछताछ की। पूछताछ के बाद उसे 27 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया। इससे बाद 29 जून को उमा को भी नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि भास्कर पोन्नला 12 वीं पास है। वह पिछले 12 साल से दिल्ली में संपर्क (लाइजनिंग) कार्य कर रहा था।