15 हजार करोड़ की जालसजी में चार और गिरफ्तार
- नोट गिनने की दो मशीनें, दो कार और 22 सिम कार्ड बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी तरीके से कंपनियां बनाकर करीब 15 हजार करोड़ रुपये की जालसाजी में शामिल चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद नोएडा पुलिस ने गिरफ्तारी की है। शनिवार को पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी गौरव सिंघल, गुरमीत सिंह बत्रा उर्फ साहिल, नया गांव निवासी राजीव कुमार और राहुल गुप्ता के रूप में हुई है। वहीं नोएडा पुलिस समेत अन्य एजेंसियां रिमांड पर लिए गए सातों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं।
शनिवार को पकड़े गए चारों आरोपियों की निशानदेही पर 22 मोबाइल सिम कार्ड, नोट गिनने की दो मशीनें, 11 आधार कार्ड, जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र और दो कारें बरामद हुईं हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी राजीव फर्जी तरीके से सिम सक्रिय करता था। राजीव थंब इंप्रेशन के बहाने सिम खरीदने वाले की शख्स की उंगलियां कई बार स्कैन कराकर एक से ज्यादा सिम सक्रिय करा लेता था। इसमें एक सिम वह ग्राहक को दे देता था जबकि बाकी सिम खुद रख लेता था। जिसे बाद में राहुल गुप्ता को देता था।
वहीं राहुल सिम को गिरोह के उन लोगों को देता था जो मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से कंपनी का जीएसटी में पंजीकरण कराते थे। सिम के बदले में वह अन्य आरोपियों से भी मोटा कमीशन लेता था। संबंधित सिम का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से जीएसटी फर्म तैयार की जाती थी। वहीं गौरव सिंघल और गुरमीत सिंह फर्जी जीएसटी फर्म को खरीदते थे। खरीदी गई फर्मों का इस्तेमाल कर गौरव और गुरमीत ई-बिल के माध्यम से फर्जी इनवॉयस तैयार करते थे। फर्जी बिलों को दोनों अलग-अलग कंपनी को बेचकर मोटा कमीशन पाते थे।
यह था पूरा मामला
नोएडा पुलिस ने नौ दिन पहले 2660 फर्जी कंपनियां बनाकर 15 हजार करोड़ से अधिक की जालसाजी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। इन जालसाजों ने पांच साल में फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी रिफंड आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाया है। पुलिस ने गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया था। मामले में नोएडा पुलिस के साथ राज्य व केंद्र की जीएसटी टीम भी जांच कर रही है। बैंक खातों की भी जांच में लाखों रुपये का ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है।