-15 दिनों में सर्वे का काम हो जाएगा पूरा, जमीन अधिग्रहण के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
-सेक्टर- 5 आवासीय, 6 औद्योगिक व 7- 8 होंगे बहुउद्देशीय, इंडस्टि्रयल पार्क व लॉजिस्टिक हब की आएगी योजना
-जेवर एयरपोर्ट के आसपास होंगे चारों सेक्टर, निवेश व आवास की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए विकसित किए जा रहे नए सेक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के पास चार नए सेक्टर बसाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए चल रहे सर्वे का काम आगामी 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। नए सेक्टर-5, 6, 7 व 8 के रूप में जाने जाएंगे। इसमें 5 आवासीय, 6 औद्योगिक व 7- 8 बहुउद्देशीय होंगे। इससे एयरपोर्ट के पास घर बनाने व उद्योग लगाने का मौका मिलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते यीडा सिटी में आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत सहित सभी तरह के भूखंडों की मांग तेजी से बढ़ी है। आज सबसे ज्यादा निवेश यमुना क्षेत्र को मिल रहा है। इसको देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने एक साथ चार नये सेक्टर- 5, 6, 7 व 8 बसाए जाएंगे। सेक्टर- 5 आवासीय होगा, जबकि 6 औद्योगिक व 7- 8 बहुउद्देशीय (पहले सेक्टर) होंगे। नए सेक्टरों के लिए जमीन चिन्हित कर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो आगामी 15 दिनों में पूरी हो जाएगी। योजना के तहत बहुउद्देशीय सेक्टर में आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत आदि गतिविधियां एक साथ संचालित की जाएंगी, इससे इस सेक्टर में रहने वाले लोगों को आवास सहित अन्य सुविधाओं के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
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सेक्टर क्षेत्रफल किसके लिए होगा आरक्षित
5 942 एकड़ आवासीय
6 859 एकड़ औद्योगिक
7 1167 एकड़ बहुउद्देशीय
8 810 एकड़ बहुउद्देशीय
2000 भूखंडों की योजना लाने की तैयारी-
सेक्टर-5 के रूप में विकसित किए जाने वाले नए आवासीय सेक्टर में यमुना प्राधिकरण 2000 भूखंडों की योजना लाएगा। इस सेक्टर में 50 फीसदी में आवासीय भूखंडों की योजना है, जबकि 50 फीसदी में ग्रुॅप हाउसिंग की योजना लाई जाएगी।
बहुउद्देशीय सेक्टर में कितनी जमीन किसके लिए होगी आरक्षित
औद्योगिक 70 %
आवासीय 10 %
कमर्शियल 13 %
शैक्षिक सुविधाएं 5 %
अनौपचारिक उपयोग 2 %
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जेवर एयरपोर्ट के आसपास चार सेक्टर सेक्टर बसाने की प्रक्रिया चल रही है। एक सेक्टर आवासीय, एक औद्योगिक व दो सेक्टर बहुउद्देशीय होंगे। सर्वे का काम पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी, यमुना प्राधिकरण।