जैतपुर डिपो से बोड़ाकी तक दौड़ेगी चार कोच की मेट्रो, कैबिनेट से मिली मंजूरी
-2.6 किमी कॉरिडोर निर्माण में 416 करोड़ रुपये होंगे खर्च, हर रोज सफर करने वाले 30 हजार यात्रियाें को मिलेगा फायदा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जैतपुर डिपो से बोड़ाकी तक चार कोच की मेट्रो दौड़ेगी। इसके लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में हरी झंडी मिल गई है। अब एक्वा लाइन के जैतपुर मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक 2.6 किमी का ट्रैक बनाया जाएगा। जैतपुर से जुनपत और फिर बोड़ाकी के बीच दो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर सरकार की ओर से 416.36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेट्रो रेल के शुरू होने से न सिर्फ दिल्ली से अलीगढ़ के यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि एक्वा लाइन पर खाली चलने वाली मेट्रों में भी यात्रियों की संख्या पहले दिन से ही बढ़ जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण ने ज्यादातर जमीन को पहले ही अधिग्रहण कर लिया है।
नोएडा सेक्टर-52 से ग्रेटर नोएडा जैतपुर डिपो तक मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। एक्वा लाइन को बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 2.6 किमी लंबा हिस्सा बचा हुआ था। हालांकि प्राधिकरण ने करीब एक साल पहले ही इसे बोर्ड से पास करके शासन को भेज दिया था। केंद्र की अनुमति के बाद अब यूपी सरकार ने भी कैबिनेट में इसे मंजूरी दे दी है। इससे रेल गाड़ी से चलने वाले यात्रियों को अब दादरी नहीं जाना पड़ेगा। बल्कि वह बोड़ाकी से ही सूरजपुर और फेज-दो नोएडा तक जा सकेंगे।
हर रोज अलीगढ़ से दिल्ली और नोएडा व ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले 20 से 30 हजार लोग सफर करते हैं। यह लोग दादरी और गाजियाबाद उतरकर अपने गंतव्य तक जाते हैं। बोड़ाकी के पास इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) की ओर से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टीमॉडल ट्रासंपोर्ट हब विकसित किया जाएगा। 823 एकड़ में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए करीब 858 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
एशिया के नक्शे पर छा जाएगा बोड़ाकी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बोड़ाकी के पास बनने वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए साढ़े तीन किमी लंबा रेलवे कॉरिडोर बनाया जाना है। इसके लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) को जिम्मेदारी दी गई है। यह कॉरिडोर ग्रेनो स्थित न्यू दादरी रेलवे स्टेशन से बोड़ाकी के पास मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के मुख्य द्वार तक बनाई जाएगी। यहां पर एमएमएलएच के रेल यार्ड में 16 प्लेटफॉर्म होंगे, जिनसे उद्यमियों का माल आसानी से मालगाड़ियों में लोड किया जा सकेगा और अपने गंतव्य तक कम समय में पहुंच सकेगा। इस परियोजना से न सिर्फ औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा। बल्कि उद्यमियों को रेलवे से माल मंगाने और भेजने में भाड़ा भी कम लगेगा। इससे 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब आनंद विहार से होगा बड़ा
बोड़ाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब की कनेक्टिविटी के लिए रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टीविटी विकसित की जाएगी। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर बोड़ाकी के पास ही ग्रेटर नोएडा रेलवे टर्मिनल बनाया जाएगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए ट्रेनें यहीं से मिल सकेंगी। अंतरराज्यीय बस अड्डा के साथ-साथ लोकल बस टर्मिनल भी बनेंगे। इसके अलावा डिपो से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो लाइन के लिए भी मुहर लग चुकी है।
-क्रम मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब
एरिया 358 एकड़ 823 एकड़
परियोजना लागत 12,351 करोड़ 7034 करोड़
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