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मोदी नगर, मुजफ्फरनगर के लिए : वेतन नहीं देने पर पूर्व मैनेजर ने की थी जिम मालिक की हत्या

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जूडो की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता साथी सहित गिरफ्तार
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पूर्व मैनेजर ने साथी के साथ जिम मालिक को मारी थीं कई गोलियां

नेपाल भागने की फिराक में थे, बॉर्डर से गिरफ्तार किए गए आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। अपराध शाखा ने प्रीत विहार में जिम मालिक महेंद्र अग्रवाल की हत्या की गुुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने जिम मलिक के पूर्व मैनेजर इंद्रवर्धन शर्मा व साथी रवि कुमार को इंडो-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। पूर्व मैनेजर ने वेतन नहीं देने व पैसे के विवाद में अपने दो साथियों के साथ जिम मलिक की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इंद्रवर्धन को राष्ट्रीय स्तर पर जूडो चैंपियनशिप में रजत पदक मिला था।

दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) रविंद्र यादव के अनुसार, जिम चलाने वाला महेंद्र अग्रवाल 31 दिसंबर, 2022 प्रीत विहार कार्यालय में बैठे थे। उनका पूर्व कर्मचारी इंद्रवर्धन शर्मा साथी रवि के साथ कार्यालय में पहुंचा और ताबड़तोड़ गोलियां मार दीं। जिम मालिक को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिम मैनेजर की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अपराध शाखा में तैनात एसीपी उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर विवेक मलिक की टीम को आरोपियों को पकड़ने में लगाया गया। विवेक को पता लगा कि इंद्रवर्धन पहले महेंंद्र के जिम में मैनेजर था। वेतन व पैसे नहीं देने पर दोनों में झगड़ा हुआ था। महेंद्र ने इंद्रवर्धन के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रवर्धन साथी रवि के साथ नेपाल भागने की फिराक में है और इस समय रक्सौल में है। पुलिस टीम ने इंडो-नेपाल बॉर्डर पर घेराबंदी कर बेगामाबाद, मोदीनगर यूपी निवासी इंद्रवर्धन शर्मा (36) और शुकरातल जिला मुजफ्फरनगर निवासी रवि कुमार (30) को गिरफ्तार कर लिया।
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सदमे में आरोपी की मां की मौत हो गई थी

इंद्रवर्धन ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से महेंद्र के साथ काम करता था। उसने 4.75 लाख रुपये निवेश किए थे। महेंद्र न तो वेतन दे रहा था और न ही पैसे लौटा रहा था। झगड़ा होने पर महेंद्र ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया था। वह जेल गया तो उसकी मां को गहरा सदमा लगा। इससे मां की मौत हो गई। इस पर उसने महेंद्र को सबक सिखाने के लिए साथी रवि व विजय के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। वारदात वाले दिन विजय गाड़ी में आरोपियों को प्रीत विहार तक लेकर गया था। इसके बाद इंद्रवर्धन व रवि ने वारदात अंजाम दी थी। रवि के खिलाफ 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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