मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी दिल्ली में योजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान करने की जानकारी
कहा- लोग देर रात भी लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
16 स्थानों पर योजना शुरुआत में लागू किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। न्यूयॉर्क, ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग की तरह ही अब दिल्ली की भी अपनी फूड ट्रक पॉलिसी होगी। इसके तहत दिल्ली में लोग रात में भी विभिन्न लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। मंगलवार को इस योजना को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सैद्धांतिक मंजूरी दी। प्रारंभिक तौर पर दिल्ली के 16 स्थानों पर योजना को लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने फूड ट्रक पॉलिसी के संबंध में ट्वीट से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अर्थव्यवस्था एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार फूड ट्रक पॉलिसी ला रही है। इसे एक बैठक के दौरान मंजूरी दी गई है। योजना से देर रात भी लजीज भोजन उपलब्ध हो पाएगा। इधर, पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने कहा कि योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फूट कोर्ट बनाए जाएंगे, जहां पर कई फूड ट्रक एक साथ खड़े हो सकेंगे। साथ ही, फूड कल्चर हब्स बनाए जाएंगे। इस तरह अब दिल्ली में लोगों को घूमते-फिरते हुए खाने पीने के भरपूर व्यवस्था मिलेगी। दुनिया के कई बड़े शहरों और पर्यटन जगहों पर पहले से ही फूड ट्रक का चलन है। न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को, एम्स्टर्डम, ब्रुसेल्स, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, टोक्यो और हांगकांग समेत कई देशों में फूड ट्रक काफी प्रचलित हैं।
छोटे-छोटे बिजनेस को बढ़ावा देने की मंशा
योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को फूड ट्रक राजधानी बनाना है। सरकार का मकसद है कि योजना से छोटे-छोटे बिजनेस को बढ़ावा मिल सके। साथ ही, रोजगार के अवसर पैदा हो और रात में दिल्ली की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। दिल्ली के लोग किसी भी समय स्वादिष्ट जायकों का लुफ्त उठा सकें और राजधानी में फूड कल्चर बढ़े।