संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा।
नई अनाज मंडी स्थित जैन स्थानक में उपेंद्र मुनि ने धर्म का पालन मानसिक शांति, नैतिक विकास व जीवन में सही मार्ग का निश्चित होना पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि धर्म का पालन मानसिक शांति कर व नैतिक विकास और जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए करना चाहिए। धर्म व्यक्ति को सकारात्मकता, आशा और दृढ़ता प्रदान करता है, जो उसे सही और गलत के बीच अंतर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह समुदाय और परंपरा से जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देता है और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए सही आचरण करने की प्रेरणा देता है। धर्म मानसिक तनाव और चिंताओं को कम करने में मदद करता है। जिससे मन को शांति और मानसिक दृढ़ता मिलती है। यह व्यक्ति में ईमानदारी, करुणा और सम्मान जैसे मूल्यों को स्थापित करता है और उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। धर्म गलत और समाज-विरोधी कार्यों के प्रति घृणा पैदा करता है और जीवन के महत्व को स्पष्ट करता है। धर्म समुदाय की भावना को मजबूत करता है और व्यक्ति को अपनी परंपराओं से जोड़ता है।