यमुना सिटी(संवाद)। यमुना नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ ही जेवर के खेतों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। बृहस्पतिवार को यमुना में जलस्तर कम होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। पानी उतरने के बाद खेतों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द ही प्रशासन की ओर से आकलन किया जाएगा। बाढ़ के पानी में डूबे रहने के कारण धान, सब्ज़ी और पशुओं के चारे की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। शमशमनगर और कानीगढ़ी गांव में लगभग पांच सौ बीघे से अधिक में लगे फसलों में बाढ़ का पानी घुस गया था जो अब धीरे–धीरे निकलने लगा है। प्रशासन द्वारा स्थापित की गई पांच बाढ़ चौकियां और कंट्रोल रूम अभी भी सक्रिय हैं। यमुना के जलस्तर में कमी आने के बावजूद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।