राहत शिविरों से अपने घर लौटने लगे बाढ़ विस्थापित
सामान्य हालात होने पर प्रशासन ने भी दी ढील, बाढ़ से 1590 हेक्टेयर क्षेत्र व 8710 लोग हुए थे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। वाजिदपुर नंगला-नंगली के राहत शिविरों में रह रहे बाढ़ विस्थापित लोग अब धीरे-धीरे अपने घर लौटने लगे हैं। यमुना किनारे बसे वाजिदपुर पुस्ता के निचले हिस्से में पिछले दिनों बाढ़ आने से काफी बड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया था। वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया था। अब ज्यादातर फार्म हाउसों व घरों से पानी निकल चुका है। ऐसे में सामान्य हालात होने पर प्रशासन ने भी ढील देनी शुरू कर दी है।
बीते दिनों ओखला बैराज पर यमुना का जलस्तर 198.10 मीटर पर था। जोकि खतरे के निशान से 2.5 मीटर नीचे है। उतरते हुए पानी के कारण अब लोग अपने-अपने पर पहुंच रहे हैं। लेकिन अब भी उनकी परेशानी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई। कई स्थानों पर पानी सड़ने के कारण तमाम तरह की बीमारियों के फैलने का खतरा है। साथ ही पानी में से सांप भी निकल रहे हैं। डूब क्षेत्र में नर्सरी चलाने वाले रोहित चौहान के फार्म में अब भी पानी भरा है। फार्म हाउस में मजदूरी करने वाले संजीत साहू ने अपनी पत्नी व तीन छोटे बच्चों को गांव रवाना कर दिया था। अब वह फार्म हाउस में लौट चुके हैं।
डूब क्षेत्र में लौट रहे लोगों को कई परेशानियों से निपटना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि उनकी गृहस्थी का आधे से ज्यादा सामान खराब हो गया। वहीं, यमुना किनारे खेती करने वाली रेखा का कहना है कि उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए। इसके अलावा कई लोग पशुओं के मरने की बात कह रहे हैं। वहीं कई लोगों के सामान चोरी हो चुके हैं।
एसएचओ एक्सप्रेसवे सरिता मलिक का कहना है कि स्थिति सामान्य होने पर तैनात पुलिसकर्मी भी शनिवार को प्रभावित क्षेत्र से हटा लिए गए। लोग अब बिना किसी रुकावट आसानी से अंदर आ जा रहे हैं।
शिविर में ठहरे हुए लोग अपने गंतव्य स्थान पर लौटने लगे हैं। शुक्रवार शाम होते-होते नंगली वाजिदपुर शिविर में केवल दस परिवार ही बचे थे। शनिवार सुबह वह भी अपने-अपने घर चले गए। प्रशासन की ओर से लगे सभी राहत शिविर व खाने-पीने समेत अन्य सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं।
अम्बुज कुमार, नोडल अधिकारी नंगली वाजिदपुर राहत शिविर