फोटोसीईओ के निरीक्षण की
निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन में मिलीं खामियां, सीईओ ने उठाए सवाल
- सेक्टर-96 के निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन का किया निरीक्षण, डिजाइन से लेकर मजबूती पर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-96 में निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन में कई खामियां पाई गईं हैं। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने भवन के डिजाइन से लेकर मजबूती तक पर सवाल खड़े किए। अब आईआईटी दिल्ली इसकी खामियाें को दूर करेगी। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
सीईओ ने बुधवार को नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-96 में निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीईओ को स्ट्रक्चरल डेवलपमेंट में कई खामियां मिली। उन्होंने कहा कि इमारत की फिनिशिंग, पिलर की स्थिति, डिजाइन नियम के तहत सही नहीं हैं। इन सभी में सुधार की आवश्यकता है। कुछ बिंदुओं पर पूरी तरह से बदलाव की जरूरत महसूस की गई। सीईओ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आईआईटी दिल्ली को पत्र लिखकर बुलाने के निर्देश दिए हैं। आईआईटी की ओर से निरीक्षण के बाद स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी को लेकर रिपोर्ट दी जाएगी। इसके बाद यहां का काम दोबारा शुरू होगा।
बताया जा रहा है कि इसके निर्माण के दौरान गलत स्थानों पर पिलर बनाए गए हैं। सीढि़यां भी आड़ी तिरछी बनाई गई हैं। लोहे के स्ट्रक्चर आदि भी सही नहीं हैं। इससे पहले सलाहकार एजेंसी की रिपोर्ट में इस परियोजना पर सवाल उठाए गए थे। निर्माण सैंपल फेल हुए थे और गुणवत्ता केवल 50 प्रतिशत थी। ऐसी हालत को देखकर सीईओ ने भी नाराजगी जताई।
सपा शासनकाल से चल रहा निर्माण
प्राधिकरण के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य सपा शासनकाल में शुरू हुआ था। वर्ष 2015 में इसकी अनुमानित लागत 219 करोड़ थी। हालांकि लेटलतीफी की वजह से लागत बढ़कर करीब 250 करोड़ हो गई। प्राधिकरण की तत्कालीन सीईओ रितु माहेश्वरी ने काम में देरी पर उस वक्त काम कर रही एजेंसी को हटाते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसके बाद नई एजेंसी यहां काम कर रही है। उक्त एजेंसी को 15 माह में 82 करोड़ रुपये की लागत से काम पूरा कराने का लक्ष्य दिया गया था।
नई कमेटी करेगी भंगेल एलिवेटेड के लिए बैठक
सीईओ लोकेश एम ने निर्माणाधीन भंगेल एलिवेटेड रोड का भी निरीक्षण किया। पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और दो कंसल्टेंट की गठित समिति की बैठक बृहस्पतिवार को होगी। बैठक में एलिवेटेड रोड के निर्माण में आ रहे लागत मूल्य के अंतर की रिपोर्ट सीईओ प्रस्तुत करेंगे। इस रिपोर्ट को 13 अगस्त को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड में लिए गए फैसले के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस
नोएडा प्राधिकरण को बुधवार को यह शिकायत मिली कि सेक्टर-22 के सी ब्लॉक के अंतर्गत सीवर मैनहोल से इंजन के द्वारा सीवर के पानी को नाली में बहाया जा रहा है। सीईओ के निर्देश के क्रम में प्राधिकरण ने जांच कराई। प्राधिकरण की ओर से स्थल की रिपोर्ट आने के बाद जल खंड द्वितीय के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा संविदा पर कार्यरत अवर अभियंता की एक माह की वेतन कटौती के आदेश दिए गए। भविष्य में ऐसा न हो इस संबंध में वरिष्ठ प्रबंधक व प्रबंधकों को कार्यालय आदेश भी जारी किया गया है।