ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने 2010 में जेवर थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में बुलंदशहर के राहुल और प्रदीप तथा गुरुग्राम के विजेंद्र सिंह को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन ने 13 अक्तूबर 2010 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि राहुल गिरोह का सरगना है और अन्य सदस्य हरियाणा से अवैध शराब उत्तर प्रदेश में बेचते थे। 1 अक्तूबर 2010 को झुप्पा-पलवल रोड पर पकड़ी गई शराब को गैंग चार्ट का आधार बनाया गया था। बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाने की दलील दी। अदालत ने कहा कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी किसी गिरोह के सदस्य थे। यह भी सिद्ध नहीं हुआ कि उन्होंने हिंसा, धमकी या आतंक से अनुचित लाभ कमाया। इसलिए अदालत ने तीनों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।