नोएडा-ग्रेटर नोएडा की संयुक्त खबर
आज नोएडा और कल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर हल्ला बोलेंगे किसान
- 10 सूत्री समस्याओं को लेकर दोनों प्राधिकरण क्षेत्र के 120 गांव के किसान हैं परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर किसान आंदोलन की राह पर हैं। सोमवार को नोएडा प्राधिकरण पर किसान वादा खिलाफी के आरोप में आंदोलन करेंगे वहीं मंगलवार को ग्रेनो प्राधिकरण पर छह फीसदी भूखंड और आबादियों समेत अन्य समस्याओं को लेकर महापंचायत करेंगे। किसान संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन करने की योजना बनाई है। इसमें बिना किसी को नेता बनाए ही आंदोलन की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है।
दरअसल, नोएडा में करीब डेढ़ साल पहले किसानों का 10 फीसदी भूखंड, आबादी के तहत प्रत्येक बालिग को एक हजार वर्गमीटर प्लॉट और बेटियों को भी बेटों की तरह दर्जा, आबादियों को ज्यों का त्यो छोड़ने समेत करीब 10 मुददों को लेकर करीब चार माह तक बडे़ स्तर पर आंदोलन किया गया था। प्राधिकरण अधिकारियों ने बोर्ड में प्रस्ताव पास करके किसानों की समस्याओं को दूर कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। मगर अभी तक किसानों की किसी भी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। अब भारतीय किसान परिषद ने राशन-पानी के साथ प्राधिकरण पर डेरा डालने की योजना बनाई है। पहले किसान वार्ता करेंगे और यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पहले की तरह डेरा डाल देंगे। रविवार को सरफाबाद, गुलावली समेत कई गांवों में इस संबंध में पंचायतें हुईं।
इसी तरह छह फीसदी आबादी के भूखंड खत्म करने, किसानों की आबादियों को तोड़ने और लीजबैक नहीं करने समेत कई अन्य मामलों में किसान 14 मार्च को प्राधिकरण पर महापंचायत करेंगे। इसमें भी किसानों की समस्याओं का समाधान न हुआ तो यहां पर भी धरना अनिश्चितकालीन हो सकता है। रविवार को खोदना खुर्द में हुई किसानों के 39 गांवों की पंचायत हुई। इसमें पंचायत की अध्यक्षता जगदीश नंबरदार और संचालन सूबेदार ब्रह्मपाल व डॉ. रुपेश वर्मा ने किया। महापंचायत का आयोजन एडवोकेट राजेंद्र नागर ने किया।
आज करेंगे फैसला : सुखबीर
किसान नेता सुखबीर खलीफा ने बताया कि किसानों ने कई माह तक धरना-प्रदर्शन कर शांतिपूर्वक अपनी मांग पूरी कराने के लिए प्राधिकरण अधिकारियों के समक्ष आंदोलन किया था। उस समय मांगों को पूरा कराने के लिए आश्वासन भी दिया गया। मगर अब ऐसा लगता है कि एक भी समस्या दूर नहीं हुई तो उनको छला गया है। सोमवार को वार्ता करने प्राधिकरण पर जा रहे हैं। आगे का निर्णय वहीं पर होगा।
पूर्व मंत्री लिख चुके हैं सरकार को पत्र
पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर ने भाजपा के प्रदेश में आने पर नोएडा क्षेत्र के 81 गांवों की किसानों की समस्याओं को औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के समक्ष रखा था। इसमें कहा था कि नोएडा प्राधिकरण जिन आबादी के मामलों को निस्तारण नहीं कर पा रहा है। उनको आगामी कई दशकों नहीं निपटा पाएगा। चूंकि समस्या घनी आबादी के बीच में आ गई है। उन जमीन को न तो प्राधिकरण कभी ले पाएगा और यदि ले भी ली तो उनका कोई प्रयोग नहीं कर पाएगा। चूंकि वह अब बीच आबादी में आ गई है। इसके अलावा करोड़ों रुपये प्रशासन के कोषागार में पड़े खराब हो रहे हैं।