10 जनवरी को होगी यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक, 20 से अधिक प्रस्ताव रखे जाएंगे
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2000 आवासीय भूखंडों की योजना नोएडा एयरपोर्ट के पास आएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों को नए साल में 10 फीसदी आबादी भूखंड का तोहफा मिल सकता है। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अभी सात फीसदी आबादी भूखंड का लाभ दिया जाता है। साथ ही, नोएडा एयरपोर्ट के पास आवासीय योजना लांच की जाएगी। इसके अलावा बिल्डर-खरीदार मामले में जारी किए गए शासनादेश को अंगीकार करने सहित 20 से अधिक प्रस्ताव 10 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड बैठक में रखे जाने वाले प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें किसानों व आवंटियों को राहत पहुंचाई जा सकती है। किसानों को 10 फीसदी भूखंड देने के फैसले पर बोर्ड की मुहर लगने के बाद शासन को भेजा जाएगा। वहीं, एयरपोर्ट के पास सेक्टर-5 में 2000 आवासीय भूखंडों की योजना से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव पूर्व में जिला प्रशासन को भेजा चुका है। इस योजना में 60 व 90 वर्गमीटर के भूखंड होंगे। इससे पूर्व की योजना में 120 वर्गमीटर व उससे ऊपर के साइज के भूखंड शामिल थे।
अंतर धनराशि किया जाएगा भुगतान
नोएडा एयरपोर्ट के चरण एक के फेज-1 के लिए खरीदी गई गांव कुरैब की 16़ 3920 हेक्टेयर जमीन से संबंधित किसानों को 800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से धनराशि का भुगतान किया जाएगा। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
रेखा शर्मा का मुद्दा भी रखा जाएगा
यमुना प्राधिकरण की ओर से पूर्व में निकाली गई आवासीय भूखंडों की योजना का ड्राॅ बीते 18 अक्तूबर को हुआ था। इसमें रेखा के स्थान पर रेखा शर्मा नाम पुकारे जाने पर आवेदक ने आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके निराकरण के लिए यह मुद्दा बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। योजना में आवेदन करने वाली रेखा शर्मा का कहना है कि नाम पुकारे के जाने बाद भी सफल आवेदकों की सूची से नाम गायब है। ड्राॅ में अनियमितता बरती गई है।
विकास शुल्क पर लगे ब्याज से मिलेगी राहत
जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मिलने वाले आबादी भूखंड के विकास शुल्क पर लगने वाले ब्याज से राहत देने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। आबादी भूखंड वाले सेक्टरों में प्राधिकरण की ओर से सड़क, सीवर लाइन आदि विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए रजिस्ट्री के समय किसान को विकास शुल्क जमा करना होता है। निर्धारित समयावधि में भूखंड पर निर्माण कार्य नहीं करने पर विकास शुल्क पर ब्याज लगाया जाता है। इसका विरोध क्षेत्र के किसान लंबे समय से कर रहे हैं।
ये प्रस्ताव भी रखे जाएंगे
मास्टर प्लॉन-2041 का अनुमोदन, प्राधिकरण की समस्त योजनाओं में ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक, औद्योगिक, संस्थागत के ई-नीलामी की प्रक्रिया में रोल ओवर नीति लागू किए जाने, प्राधिकरण की स्थापना तिथि से पूर्व जिन किसानों का नाम राजस्व खतौनी में अंकित है उन्हें पात्र मानते हुए आबादी भूखंड का लाभ अनुमन्य किए जाने, अधिसूचित क्षेत्र में 80 फीसदी से ज्यादा रिट वापसी होने के उपरांत 64़ 7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा वितरण, प्राधिकरण के सेक्टर-22डी के अंतर्गत निर्मित आवासीय भवन योजनाओं में एमआईजी में आवंटित भवनों में सापेक्ष तल परिवर्तन का विकल्प दिए जाने सहित 20 से अधिक प्रस्ताव बैठक में रखे जाएंगे। बहुमंजिला हाउसिंग सोसाइटियों की योजना में पार्किंग खरीदने की अनिवार्यता खत्म होगी। अभी एक पार्किंग प्राधिकरण की तरफ से फ्री दी जाती है, जबकि दूसरी खरीदनी पड़ती है। पार्किंग खरीदने की अनिवार्यता खत्म होने पर फ्लैट खरीदारों को राहत मिलेगी।
बोर्ड बैठक को लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। इसमें आवंटियों व किसानों के हक में लिए गए कई अहम फैसलों पर मुहर लग सकती है।
- डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण