कई महीनों से आंदोलन कर रहे किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दोनों गेट बंद कर कब्जा करने की घोषणा कर दी। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याएं दूर नहीं होगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सामने मुआवजा, आबादी और 10 फीसदी भूखंडों की मांग को लेकर कई माह से किसान धरने पर बैठे थे, लेकिन किसानों की मांग पूरी नहीं की गई। प्राधिकरण और प्रशासन का ढुलमुल रवैया देखकर किसान आकर्षित हो गए और 12 सितंबर को प्राधिकरण के दोनों गेट बंद कर कब्जा करने की घोषणा कर दी।
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इसी क्रम में मंगलवार को किसान संगठनों ने प्राधिकरण पर हल्ला बोल दिया और दोनों गेटों पर कब्जा कर बैठ गए। किसान नेता रुपेश वर्मा और सुखबीर खलीफा समेत दर्जनों के संसाधनों ने एकजुट होकर प्राधिकरण के खिलाफ हुंकार भरी और कहा कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होगी वह यहां से नहीं उठंगे। हालांकि पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के बीच जाकर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी वे मानने को तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याएं दूर नहीं होगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।