29 साल से किसान कर रहे आंदोलन, नहीं मिला हक
- रसूलपुर में किसानों के धरने को मंगलवार को 200 दिन हुए पूरे
- तीन दशक पहले 9 मई को किसान की हुई गोली लगने से मौत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एनटीपीसी क्षेत्र में किसानों से जबरन जमीन लेने और सुविधाएं न देने के विरोध में 29 साल पहले आंदोलन शुरू हुआ था। मगर आज तक किसानों की समस्याएं दूर नहीं हुई। तीन दशक में कई बार सरकारें बदली, लेकिन एनटपीसी क्षेत्र के किसानों के हालात नहीं बदले। अब 200 दिन से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन एनटीपीसी प्रबंधन ने गांवों में युवाओं को रोजगार देना तो दूर, मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई है।
दरअसल, तीन दशक पूर्व एनटीपीसी में कोयला पहुंचाने के लिए रेलवे लाइन निकाली गई थी। उसी दौरान किसानों ने मुआवजा, रोजगार समेत अन्य सुविधाओं के लिए आंदोलन किया था। इसमें किसान ब्रहृमसिंह की सीआईएसएफ की ओर से की फायरिंग में गोली लगने से मौत हो गई थी। तब से आज तक किसान आंदोलन करते चले आ रहे हैं। मगर इनकी सुध नहीं ली गई। वर्तमान में एनटीपीसी से प्रभावित किसानों ने रसूलपुर गांव में धरना दे रखा है। किसान नेता मनमिंदर भाटी ने कहा कि 200 दिन नहीं यदि 20 साल तक भी किसानों को धरना देना पड़ा तो अपने हक के लिए वह भी करेंगे। मगर अपना अधिकार नहीं छोडेंगे।
उधर, श्योराजपुर में शहीद हुए ब्रहमसिंह की पुण्य तिथि पर पुष्प अर्पित करके उनको श्रृद्धांजलि दी गई। उनके भाई सुदेश बीडीसी ने कहा कि किसानों के साथ हमेशा से अत्याचार होता आया है, इसे दूर करने के लिए स्वयं किसान को खेत का काम छोड़कर लड़ाई के लिए सड़क पर आना पड़ रहा है। इस मौके पर गोपाल शर्मा, सतीश राणा, राकेश नरौली, विरेंद्र राघव, मुकेश राणा, विजय राणा, विक्रम मुखिया, उदयराज ख़लीफ़ा, राजेंद्र फौजी व सोरन भाटी आदि मौजूद रहे।