नोएडा। डीएनडी पर सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक वाहन चालक जाम में फंसे रहे। महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका तो उन्होंने डीएनडी पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक जारी धरना प्रदर्शन की वजह से रास्ते पर जाम लंबा लग गया। किसानों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति दे दी। हालांकि धरना खत्म होने के करीब डेढ़ से दो घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को आयोजित किसानों की महापंचायत को लेकर बार्डर पर अलर्ट लागू था। नोएडा पुलिस कालिंदी कुंज, चिल्ला बॉर्डर और डीएनडी पर अलर्ट रही। सुबह करीब 11 बजे ग्रेटर नोएडा से पहुंचे किसानों के दल के साथ नोएडा के किसानों के साथ मिला। किसान डीएनडी के रास्ते दिल्ली के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। नोएडा पुलिस ने बैरिकेड और ट्रक लगाकर रास्ता बंद कर दिया। रोके जाने से नाराज किसानों ने सड़क पर ही धरना देना शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक किसानों का धरना चलता रहा। किसान नारेबाजी करते रहे और इसी दौरान आला अफसर भी मौके पर जमा हो गए। किसानों की बढ़ती नाराजगी देख अफसरों ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे सभी किसानों के गाड़ी के नंबर नोट कर उन्हें वहां से दिल्ली भेजा जाने लगा। इसके बाद शाम करीब तीन बजे यातायात सामान्य हो सका। उससे पहले तक दोनों ओर लंबा जाम रहा। ग्रेटर नोएडा से भारतीय किसान यूनियन अंबावता की टीम की अगुवाई संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी आलोक नागर, नोएडा जिलाध्यक्ष अमित अवाना, डॉक्टर विकास प्रधान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र नागर, प्रताप नागर, पूनम पंडित, बृजेश भाटी, लोकेश भाटी आदि कर रहे थे।
चिल्ला और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर पांच किमी लंबा जाम
डीएनडी पर लगे जाम का असर कालिंदी कुंज बॉर्डर और चिल्ली बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर व नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर भी दिखाई दिया। यहां भी पांच से छह किमी लंबा जाम लग गया। नतीजतन जो दूरी पांच मिनट में पूरी की जा सकती थी। उसे वाहन चालक ढाई से तीन घंटे में पूरी कर पाए। यातायात सिपाहियों के साथ पुलिस अफसर भी यातायात सामान्य करने में तीन बजे के बाद तक लगे रहे।
पुलिस आयुक्त ने संभाली कमान
जाम और धरना प्रदर्शन की खबर सुनकर पुलिस आयुक्त आलोक सिंह, डीसीपी ट्रैफिक गणेश प्रसाद साहा, डीसीपी नोएडा हरीश चंदर, एडीसीपी आशुतोष द्विवेदी, एसीपी रजनीश वर्मा समेत पुलिस के अन्य अधिकारी भी बॉर्डर का निरीक्षण करने पहुंचे। जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने बार्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक के जवानों को तैनात करने के साथ ट्रैफिक की सुगम व्यवस्था बनाने के लिए डीसीपी ट्रैफिक को निर्देशित किया।
क्या हैं किसानों की मांग
जंतर-मंतर पर किसान लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ित किसान परिवारों को न्याय दिलाने, जेलों में बंद किसानों की रिहाई कराना, किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, देशभर के किसानों की कर्जमाफी, एमएसपी गारंटी कानून बनाने, किसानों के बिजली माफ करने, अग्निपथ योजना वापस लेना सहित कई मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन कर रहे हैं।