किसानों ने प्राधिकरण को पूरी तरह घेरा, अंदर नहीं जा पाए अधिकारी
धरना-प्रदर्शन के 50वें दिन किसानों ने प्राधिकरण पर किया संपूर्ण लाॅकडाउन
तीन बड़े और दो छोटे गेट को घेरकर दिनभर बैठे रहे किसान
अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए दो घंटे के लिए खोला एक गेट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। भारतीय किसान परिषद के बैनर तले धरनारत किसानों ने मंगलवार को पूरा प्राधिकरण घेर लिया। किसान सभी गेटों के सामने बैठ गए। ऐसे में कार्यालय में आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई। आलम यह रहा कि अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर पाए। गिनती के कुछ कर्मचारी जो पहले ही अंदर चले गए थे, उनको गेट खोलकर बाहर निकाला गया। दिनभर प्राधिकरण का कामकाज प्रभावित रहा। इस दौरान किसानों ने प्राधिकरण कार्यालय का चक्कर भी लगाया।
मंगलवार सुबह से ही किसान कार्यालय के बाहर जुटने शुरू हो गए। पुलिस ने प्राधिकरण के सभी गेटों पर बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया। अक्सर किसानों के चले जाने के बाद एक-दो गेट खोल दिए जाते हैं, जिससे प्राधिकरण का काम चलता रहता है। किसान बचे हुए एक-दो गेटों को घेरकर सांकेतिक तौर पर विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं, लेकिन मंगलवार को किसानों ने सुबह 11 बजे से ही सभी गेटों को घेर लिया। आगे के दो गेटों के अलावा पीछे के एक बड़े और एक छोटे गेट के सामने बैठ गए।
सभी गेटों को घेरने की वजह से प्राधिकरण के अधिकारी कार्यालय में अंदर नहीं आ पाए। कुछ अधिकारी आए लेकिन हालात ठीक नहीं होने की वजह से लौट गए। प्राधिकरण में काम से आने वाले लोगों को भी लौटना पड़ा। दिनभर गहमागहमी बनी रही। इसी बीच किसानों के पास संदेश आया कि कुछ लोग कार्यालय के अंदर फंस गए हैं। इस पर किसानों ने दो घंटे के लिए एक गेट खोला।
इससे पहले पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। किसान परिषद के आर्य जयप्रकाश भाटी ने खुले मंच से घोषणा की जब तक किसानों का काम नहीं होगा जब तक किसी भी अधिकारी को अंदर घुसने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा, अनार आर्य, शादी राम कसाना, मदनपाल कसाना, वीरेंद्र चौहान, बिजेंद्र शर्मा, डेविड चौहान, मुकेश बीडीसी, विपिन अवाना, अरुण, मुंदर यादव, भूले राम प्रधान, जग्गी यादव, आदेश नागर और सत्ते यादव शामिल रहे।
सुबह आठ बजे से ही घेराव करेंगे
किसानों का कहना है कि बुधवार सुबह आठ बजे से ही प्राधिकरण का घेराव करेंगे। एक भी गेट को नहीं छोड़ा जाएगा। किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। दिनभर इस तरह की कवायद होगी।