ग्रेटर नोएडा (संवाद) । पराली जलाने से रोकने के लिए कृषि और पंचायत विभाग के कर्मचारियों को किसानों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी है। 17 अक्तूबर को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है जिसमें गठित समिति के पदाधिकारी आगे की रणनीति तैयार करेंगे। पराली जलाने पर किसान पर पांच हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है। अहम है कि जिले में 1 अक्तूबर के आसपास धान की कटाई शुरू हो जाती है। धान को मशीन से काटने के चलते खेत में पराली रह जाती है। इन दिनों धान की पराली जलाने की घटनाएं होती है। पिछले साल भी करीब दस पराली के मामले आए थे। इन दिनों वायु प्रदूषण बढ़ने के चलते प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं पशुपालन विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी ने गोशालाओं में पराली अधिक से अधिक एकत्रित करने की सलाह दी है। उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर राजीव कुमार ने कहा है कि पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। उनको होने वाली कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है। 17 अक्तूबर को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक होगी।