मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने बताया कि 21 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली थी कि सेक्टर-52 में अस्पताल के पास 2.5 लाख रुपये में कैंसर के नकली इंजेक्शन बेचे जाएंगे। सूचना के आधार पर टीम को तैयार किया गया। मौके पर पहुंची टीम ने पश्चिम बंगाल निवासी संदीप को कैंसर की बीमारी में इस्तेमाल होने वाले डेफीब्रोटाइड के नकली इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था।
आरोपी से पूछताछ में बताया कि वह मोती उर्रहमान अंसारी के लिए काम करता है। इस मामले में मुख्य आरोपी मोती उर्रहमान अंसारी ने ड्रग्स विभाग के सामने सरेंडर कर दिया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसके पास दवाई को खरीदने व बेचने के लिए कोई कंपनी नहीं है। कैंसर के इंजेक्शन नोएडा निवासी कनिष्क राजकुमार से खरीदे थे। उसने बताया कि चार बार में 40 इंजेक्शन लिए थे। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते, ड्रग्स विभाग व क्राइम यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कनिष्क राजकुमार को नोएडा के सेक्टर-62 से गिरफ्तार कर लिया।