ग्रेटर नोएडा (संवाद)। जिम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की ओर से बुधवार को ‘मेडिको-लीगल मामलों में सहमति लेने की चुनौतियां’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में चिकित्सकों को सूचित सहमति (इनफॉर्म्ड कंसेंट) से जुड़े कानूनी, नैतिक और व्यावहारिक पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया। जिम्स निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मेडिको-लीगल मामलों में सही और सूचित सहमति अत्यंत आवश्यक है। मरीजों के अधिकारों की रक्षा और चिकित्सकों की कानूनी सुरक्षा के लिए पारदर्शी सहमति प्रक्रिया होनी ही चाहिए। मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. अमित शर्मा, डॉ. अंजू रानी, डॉ. श्वेता और डॉ. सोनल मौजूद रहे।