नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने निष्पक्ष सुनवाई को सभी के लिए संविधान प्रदत्त अधिकार बताया है। अदालत बीएसएफ कर्मी चंद्रशेखर मिश्रा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्हें बटालियन कमांडेंट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने याचिकाकर्ता चंद्र शेखर मिश्रा को निर्देश दिया कि वे अपनी सभी दलीलों को उस प्राधिकारी के समक्ष रखें, जिसने नोटिस जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी को अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सुनवाई का अधिकार मिलना चाहिए। मामला बीएसएफ के 162 बटालियन के कमांडेंट द्वारा 23 जुलाई 2025 को जारी कारण बताओ नोटिस से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने इसे रद्द करने की मांग की थी। संवाद