कथा वाचक एचजी सार्वभौम प्रभु ने कहा कि भक्ति का जन्म भक्त के साथ होता है। भक्ति तो हर कोई कर सकता है, लेकिन सच्चे भक्त का दर्शन अत्यंत दुर्लभ होता है। धर्म करो, यज्ञ करो, पर किसी साधु-संत या भक्त का अपमान कभी नहीं करना चाहिए। शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर मार्ग के समीप स्थित काशी आनंदम स्पिरिचुअल एंड वेलनेस वैदिक विलेज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को वह प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, ज्ञान और वैराग्य के पथ पर अग्रसर करने वाली दिव्य दिशा है। इसके श्रवण मात्र से मानव का कल्याण हो जाएगा। कोलकाता के उद्योगपति ज्योति विजय खेमका और जया खेमका परिवार की ओर से अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में आयोजित कथा के पूर्व व्यासपीठ व श्रीमद्भागवत का पूजन और आरती हुई।