धामावाला स्थित आर्य समाज मंदिर में वार्षिक महोत्सव में भाग लेते छात्र। संवाद
देहरादून। महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के द्विशताब्दी जन्मोत्सव और आर्य समाज के 150वें स्थापना दिवस पर धामावाला में तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हो गया। शुक्रवार को आर्य समाज मंदिर, धामावाला में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ आचार्य विद्यापति शास्त्री ने हवन कराया। इसके बाद राष्ट्रीय प्रार्थना, मंत्रोच्चारण व गुरुकुल पौंधा के ब्रह्मचारियों ने ध्वज गीत के साथ आचार्य डॉ. वेदपiल और प्रधान सुधीर गुलाटी ने ध्वजारोहण किया। आचार्य डॉ. वेदपाल ने ईश्वर, भगवान और देवता के अंतर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है जो सृष्टिकर्ता, सर्वव्यापक, सर्वेश्वर, न्यायकारी और वेदों का ज्ञान देने वाले हैं। इसके बाद शाम के सत्र में उन्होंने राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज की भूमिका पर जोर दिया। कोलकाता से आए आर्य जगत के भजन गायक पंडित कैलाश कर्मठ ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। संवाद