एनपीसीएल के वाइस प्रेसीडेंट ऑपरेशन सारनाथ गांगुली ने बताया कि एनपीसीएल के द्वारा सूरजपुर में पुलिस कमिश्रनरी दफ्तर, पुलिस लाइन, सूरजपुर, बिसरख, कासना, बीटा, नॉलेज पार्क, ईकोटैक समेत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के कोतवाली, पुलिस चौकियों पर बिजली की आपूर्ति की जाती है। पिछले आठ माह से पुलिस का बिजली बिल का भुगतान कंपनी को नहीं हुआ है। सिंतबर माह तक चार करोड़ सात लाख रुपये बिजली बिल का बकाया है। वहीं गौतमबुद्धनगर जेल का बिजली का बिल मई, जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया है। जेल का बिजली की बिल एक करोड़ 48 लाख रुपये बकाया है।
एनपीसीएल ने जेल को बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन काटने का नोटिस भी भेजने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर भी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। शासन स्तर पर बिजली के बिलों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके चलते शासन ने बिजली के लिए जनपदों में बजट भेजना बंद कर दिया था। लेकिन बाद में शासन ने इस आदेश से निजी पावर कंपनी को बाहर रखा था। आदेश के बाद जिले को बिजली के बिल का बजट नहीं मिला है। जिससे भुगतान नहीं हो पा रहा है।