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न्यू दादरी पर लॉजिस्टिक हब से जोड़े जाएंगे ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर

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ग्रेटर नोएडा। पश्चिमी यूपी में उद्योगों का माल और कृषि उत्पादों को देश के एक से दूसरे छोर तक पहुंचाने के लिए डेटिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन (डीएफसीसी) के न्यू दादरी रेलवे स्टेशन पर मिल रहे ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से अब मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 3.5 किमी लंबी डेडिकेटेड रेलवे लाइन बिछेगी। प्राधिकरण से जल्द ही इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) के नाम जमीन ट्रांसफर हो जाएगी। इसके बाद टेंडर निकलेगा। इस रेलवे लाइन को तैयार करने में दो साल का समय लगेगा और 850 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आएगा।
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प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को न्यू दादरी से केंद्र सरकार की गतिशक्ति योजना के तहत लॉजिस्टिक हब से जोड़ा जाएगा। ग्रेनो में तीन बड़ी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें इंटीग्रेटेड टाउनशिप, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब शामिल हैं। तीनों को आईआईटीजीएनएल की निगरानी में पूरा किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड टाउनशिप 750 एकड़ में विकसित की जा रही है। बोड़ाकी के आसपास मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित होगा और यहीं ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर आकर मिलेंगे। इस जगह को न्यू दादरी का नाम दिया गया है। अब न्यू दादरी से लॉजिस्टिक हब तक 3.5 किमी का रेलवे ट्रैक बिछाने का निर्णय लिया गया है। इससे माल के आवागमन में काफी आसानी होगी। अभी तक ईस्टर्न-वेस्टर्न कॉरिडोर एक साथ जुड़ रहे थे, लेकिन लॉजिस्टिक हब को कनेक्ट नहीं किया गया था। अब यह पल्ला से कटेहरा की ओर जाकर चिटेहरा के पास लाइन बनेगी और वहां से माल ट्रेन में भरकर पहुंचाया जा सकेगा।
आठ गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन पर पूरी होगी परियोजना
बोड़ाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब के लिए आठ गांवों दादरी, चिटेहरा, कठहेड़ा, पल्ला, पाली, बोड़ाकी, जुनपत व थापखेड़ा की जमीन ली जा रही है। 478 हेक्टेयर जमीन पर ये दोनों परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। यहां रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।
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ट्रांसपोर्ट हब बनने से बोड़ाकी से मिलेंगी एक्सप्रेस ट्रेनें
बोड़ाकी के पास मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तहत रेलवे टर्मिनल, अंतरराज्यीय व लोकल बस अड्डा और मेट्रो कनेक्टिविटी बनाई जाएगी। रेल टर्मिनल बनने के बाद पूर्वी भारत की ओर जाने वाली अधिकतर एक्सप्रेस ट्रेनें यहीं से चलेंगी। इससे जिले भर के लोगों को अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा।
1.10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
एक लाख रोजगार ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक हब और 10 हजार से अधिक रोजगार इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लगने वाले उद्योगों से मिलेंगे। टाउनशिप में छह बड़ी कंपनियां प्लांट लगा रही हैं। इनमें हायर इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉर्मी मोबाइल, सत्कृति इंफोटेनमेंट, चेनफेंग (एलईडी कंपनी), जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और गु्रु अमरदास इंटरनेशनल शामिल हैं। ये कंपनियां 4000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही हैं।
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