-डीयू के पूर्व छात्र व केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और पूर्व छात्रों ने शताब्दी एलुमनी मीट में साझा किए संस्मरण
-केंद्रीय मंत्री ने कहा- देश की विकास गाथा में विवि का महत्वपूर्ण योगदान, कुलपति ने पेश की विस्तृत रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मैं अपनी मातृ संस्था दिल्ली विश्वविद्यालय में पहुंचकर बहुत ही गर्वित महसूस कर रहा हूं। देश की विकास गाथा में डीयू का महत्वपूर्ण योगदान है। देश के प्रतिभाशाली विद्यार्थी यहां शिक्षा के लिए आते हैं। डीयू के पूर्व छात्र व केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने यह बातें डीयू में शताब्दी एलुमिनी मीट के अवसर पर कहीं। वहीं कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने डीयू की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कर पूर्व छात्रों ने अनुदान का आह्वान किया।
डीयू में शुक्रवार देर शाम एल्युमिनी मीट समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने विवि के हिंदू कॉलेज में 1968 में अपने दाखिले के समय के बारे में बोलते हुए कहा कि उस समय भारत की जीडीपी 50 बिलियन डॉलर की थी जो आज 3.8 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गई है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने आशा जताते हुए कहा कि जल्द ही हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे और इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
नोबेल पुरस्कार विजेता रहे यहां के छात्र:
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डीयू से दो पूर्व छात्र नोबेल पुरस्कार विजेता रहे हैं, मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ सहित सुप्रीम कोर्ट के चार चीफ जस्टिस और 12 जज यहीं के छात्र रहे हैं। 15 से अधिक मुख्यमंत्री और राज्यपाल, भूत पूर्व सीएजी, एलजी और कई सेनाध्यक्षों सहित 80 से अधिक कैबिनेट सचिव, अनेकों केंद्रीय और राज्य मंत्री, 150 पद्मश्री, पद्म भूषण एवं पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।
कॉलेज के दिन किए याद:
केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय में अपने विद्यार्थी जीवन के दिनों और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. करण सिंह के साथ छात्र संघ की राजनीति की यादों को साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली फाउंडेशन के लोगो और वेबसाइट का विमोचन भी किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थित भगत सिंह की कोठरी पर चर्चा करते हुए कहा कि आज पहली बार इसे देखने का अवसर मिला है।
डीयू में खुलेगा वल्लभ भाई पटेल मेडिकल कॉलेज:
एल्युमनी मीट में डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि डीयू भारत सरकार के सहयोग से मुखर्जी नगर में वल्लभ भाई पटेल मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बना रहा है। इससे पहले सांस की बीमारियों के लिए डीयू में पटेल चेस्ट संस्थान है। वहीं, शताब्दी वर्ष में शुरु किए जा रहे कंपीटेंस इन्हेंसमेंट कोर्स को जुलाई में लांच कर दिया जाएगा।
पूर्व छात्रों से अनुदान का किया आह्वान:
डीयू में इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप के विकास और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में कंपनी उदमोदय फाउंडेशन की स्थापना की गई है। इसके अलावा दूसरी कंपनी यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली फाउंडेशन भी बनाई गई है। कुलपति ने इसके लिए धन जुटाने हेतु विवि के पूर्व छात्रों से अनुदान का आह्वान करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य 1000 करोड रुपए का है।
ये भी रहे मौजूद:
एलुमनी मीट के अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजज प्रो बलराम पाणी, दक्षिणी दिल्ली परिसर के निदेशक प्रो श्रीप्रकाश सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, एलुमनी अफेयर्स की डीन प्रो श्यामा रथ, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली फाउंडेशन के सीईओ प्रोफेसर अनिल कुमार, एसओएल की निदेशक प्रो पायल मागो, प्राक्टर रजनी अब्बी आदि मौजूद रहे।