मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से राजघाट तक निकाली रैली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं रोकने सहित अन्य मांगों को लेकर चिकित्सकों ने रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से राजघाट तक मार्च निकाला। इस दौरान डॉक्टरों ने मांग रखी कि उन्हें अस्पतालों में सुरक्षित वातावरण दिया जाए। अक्सर डॉक्टरों से मारपीट आदि की घटनाएं होती हैं, लेकिन आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा के लिए केंद्रीय अधिनियम लाना चाहिए। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अश्विनी डालमिया ने कहा कि मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाना चाहिए। इसके अलावा व्यावहारिक अग्नि सुरक्षा मानदंडों के साथ नर्सिंग होम को पंजीकृत करना, क्लीनिकों के लिए घरेलू दर पर बिजली-पानी की सुविधा, बाॅयोमेडिकल अपशिष्ट निपटान की लागत को कम करना, रेजिडेंट डॉक्टरों, पीजी, डीएनबी व इंटर्न के लिए कार्य स्थितियों में सुधार करना, एफएमजीएस (विदेशी मेडिकल स्नातक) के लिए गारंटी इंटर्नशिप की सुविधा, उचित कैडर प्रबंधन लागू करें, पीसीपीएनडीटी एक्ट में संशोधन सहित अन्य मांगों को पूरा करें। प्रदर्शन में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, डीएमए अध्यक्ष डॉ. विनय अग्रवाल, मुख्य संयोजक डॉ. अरुण गुप्ता, संयोजक डॉ. गिरीश त्यागी सहित अन्य ने प्रदर्शन में डॉक्टरों की सुरक्षा पर चर्चा की। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद उन्हें आश्वास दिया गया। प्रदर्शन में डॉक्टरों के साथ करीब 100 से ज्यादा एंबुलेंस भी शामिल रहीं।