रियल टाइम खतौनी करने में जिला फिसड्डी, प्रदेश में 37वां स्थान
367 में से अब तक 153 गांवों की खतौनी हो सकी है रियल टाइम
देरी के कारण शासन ने 30 सितंबर तक बढ़ाया समय
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले में रियल टाइम खतौनी प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है। अब तक केवल 153 गांवों की खतौनी को रियल टाइम किया गया है, जबकि 31 जुलाई तक 100 प्रतिशत काम पूरा होना था। अब शासन ने रियल टाइम खतौनी करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। वहीं, काम में गति कम होने से जिला प्रदेश स्तर पर पिछड़ा हुआ है और इस समय 37वें स्थान पर है। रियल टाइम खतौनी होने के बाद आदेश तत्काल दर्ज होगा।
प्रदेश सरकार गांवों की जमीन की खतौनी को रियल टाइम कर रही है, ताकि अगर किसी खसरा नंबर में अगर रजिस्ट्री होती है तो वह तत्काल खतौनी में दर्ज होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गौतमबुद्ध नगर में भी खतौनी को रियल टाइम करने का काम चल रहा है। कुल 367 गांवों की खतौनी को रियल टाइम किया जाना है। पहले चरण में 30 अप्रैल तक 20 प्रतिशत गांवों की खतौनी को रियल टाइम किया जाना था, जबकि 31 जुलाई तक सभी गांवों की खतौनी को रियल टाइम करने का काम पूरा करना था, लेकिन अभी जिले में 41 प्रतिशत गांवों की खतौनी को रियल टाइम किया जा सका है। हालांकि शासन ने प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया है, लेकिन प्रदेश में जिला की स्थिति अच्छी नहीं है। अफसरों का कहना है कि यह जल्दबाजी का काम नहीं है। दस्तावेज का मिलान करने में काफी समय लग रहा है।
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किस तहसील में कितना हुआ काम
तहसील गांव इतने गांव में काम पूरा
दादरी 151 61
सदर 131 53
जेवर 85 39
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फर्जीवाड़ा कम होने के साथ वादों के निस्तारण में होगी आसानी
रियल टाइम खतौनी होने से जमीन संबंधी विवाद खत्म हो जाएंगे। रजिस्ट्री होने के साथ ही खसरा नंबर में खरीदार का अलग खाता बन जाएगा और उसका नाम दर्ज हो जाएगा। नया खाता संख्या और जमीन का रकबा भी खतौनी में अंकित हो जाएगा। अभी इस तरह का अपडेट होने में छह वर्ष का समय लगता है।
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रियल टाइम खतौनी करने का काम चल रहा है। खतौनी का स्थानांतरण करने और मिलान करने में काफी समय लग रहा है। शासन ने खतौनी को रियल टाइम करने का समय बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया है। इस दौरान पायलट प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। - डाॅ. नितिन मदान, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)